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धरती का वो पाताल जहां सूरज की रोशनी भी तोड़ देती है दम! जानें इस जगह का रहस्य

Deepest Place In World Mariana Trench Mystery Mount Everest

Mystery of Earth: प्रशांत महासागर की अगाध गहराइयों में छिपा मारियाना ट्रेंच दुनिया का सबसे रहस्यमयी भूवैज्ञानिक अजूबा है। जहां सूरज की रोशनी कभी नहीं पहुंचती और दबाव इतना कि इंसान को कुचल दे वहां भी जीवन पनप रहा है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इंसानी प्रदूषण अब इस पाताल तक भी पहुंच चुका है।

पश्चिमी प्रशांत महासागर में फिलीपींस के पूर्व में स्थित मारियाना ट्रेंच हमारे ग्रह का सबसे गहरा बिंदु है। इसकी गहराई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका सबसे निचला हिस्सा जिसे चैलेंजर डीप कहा जाता है। समुद्र तल से लगभग 11,034 मीटर नीचे है। अगर दुनिया के सबसे ऊंचे पहाड़ माउंट एवरेस्ट (8,849 मीटर) को इसमें डाल दिया जाए तो भी उसकी चोटी पानी से 2 किलोमीटर नीचे ही रहेगी।

नहीं पहुंचती सूरज की रोशनी

मारियाना ट्रेंच की परिस्थितियां किसी दूसरे ग्रह जैसी लगती हैं। यहां का दबाव सतह के वायुमंडलीय दबाव से 1000 गुना अधिक है। यह ऐसा है जैसे किसी इंसान के शरीर पर दर्जनों जंबो जेट विमान रख दिए जाएं। यहां का तापमान जमा देने वाला (1°C से 4°C) रहता है और सूरज की रोशनी न पहुंचने के कारण यहां हमेशा घना अंधेरा छाया रहता है।

असंभव स्थितियों में भी संभव है जीवन

इतनी कठोर परिस्थितियों के बावजूद वैज्ञानिकों ने यहां जीवन खोज निकाला है। यहां मारियाना स्नेल फिश जैसे पारदर्शी जीव, विशाल जेनोफियो फोर्स (एककोशिकीय जीव) और झींगे जैसे एम्फीपोड्स फल-फूल रहे हैं। इन जीवों ने खुद को इतने भारी दबाव में रहने के लिए ढाल लिया है।

इंसानी लालच का शिकार हुआ पाताल

सबसे दुखद और चौंकाने वाली खोज हाल के वर्षों में हुई है। वैज्ञानिकों को इस सबसे गहरे बिंदु की तलहटी में प्लास्टिक बैग, खाने के रैपर और माइक्रो-प्लास्टिक मिले हैं। यहां तक कि यहां के जीवों के शरीर में जहरीले केमिकल्स भी पाए गए हैं। यह साबित करता है कि इंसान की विनाशकारी गतिविधियों से धरती का सबसे सुरक्षित कोना भी अब अछूता नहीं रहा।

कैसे बना यह विशाल गड्ढा

भू-वैज्ञानिक दृष्टि से मारियाना ट्रेंच का निर्माण तब हुआ जब पेसिफिक प्लेट, विशाल मारियाना प्लेट के नीचे धंस गई। इस टेक्टोनिक प्रक्रिया ने लगभग 2550 किलोमीटर लंबा और 69 किलोमीटर चौड़ा एक विशाल खड्ड बना दिया। जिसे आज हम मारियाना ट्रेंच के रूप में जानते हैं। यह जगह जितनी रोमांचक है प्लास्टिक मिलने के बाद उतनी ही डरावनी भी हो गई है।

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