
Best Animated Film Mahavatar Narsimha: एनिमेटेड फिल्म ‘महावतार नरसिम्हा’ 25 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और इसने हिंदी सिनेमा में एक नया इतिहास रच दिया। सालों बाद दर्शकों को एक ऐसी पैन इंडिया एनिमेटेड फिल्म देखने को मिली, जो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद आई। फिल्म का असर इतना गहरा था कि कई सिनेमाघरों में लोग चप्पल बाहर उतारकर फिल्म देखने पहुंचे, क्योंकि यह कहानी भगवान विष्णु के अवतार नरसिम्हा और भारतीय पौराणिक ग्रंथों पर आधारित थी।
हालांकि, इस भव्य सफलता के पीछे एक ऐसी संघर्ष भरी कहानी छिपी है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। फिल्म के निर्देशक अश्विन कुमार को ‘महावतार नरसिम्हा’ बनाने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगाना पड़ा था। इस बात का खुलासा उन्होंने शब्दोत्सव 2026 के दौरान किया।
‘महावतार नरसिम्हा’ की सफलता के पीछे छिपा है भारी संघर्ष
अश्विन कुमार ने बताया कि उनका सपना था एक ऐसी आध्यात्मिक फिल्म बनाना, जो पूरे देश में लोगों से जुड़ सके। उन्होंने कहा, “1975 में आई ‘जय मां संतोषी’ के बाद कोई भी पैन इंडिया धार्मिक फिल्म बॉक्स ऑफिस पर वैसा प्रभाव नहीं छोड़ पाई। मैं भी वैसा ही कुछ बनाना चाहता था, लेकिन समय बदल चुका है। आज की युवा पीढ़ी तक अपनी पौराणिक कथाएं पहुंचाने के लिए एनिमेशन सबसे बेहतर माध्यम लगा।”
फिल्म बनाना उनके लिए आसान नहीं था। अश्विन कुमार ने स्वीकार किया कि इस प्रोजेक्ट के लिए उन्होंने और उनकी पत्नी जो फिल्म की प्रोड्यूसर भी हैं, अपनी सारी जमा पूंजी लगा दी। उन्होंने बताया, “हमने अपनी कमाई, मेरी पत्नी के गहने और यहां तक कि अपना घर भी गिरवी रख दिया था। यह फिल्म हमारे लिए सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि विश्वास थी।”
16 करोड़ बजट में बनी इस फिल्म ने रच दिया था इतिहास
उनका यह जोखिम आखिरकार रंग ले आया। ‘’ ने बॉक्स ऑफिस पर 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की, जबकि फिल्म का बजट महज 16 करोड़ रुपये था। खास बात यह रही कि इस फिल्म ने कमाई के मामले में हॉलीवुड फिल्म ‘मुफासा: द लॉयन किंग’ को भी पीछे छोड़ दिया, जिसे हिंदी में शाहरुख खान ने अपनी आवाज दी थी।
पांच साल की मेहनत से बनी यह फिल्म न सिर्फ एक ब्लॉकबस्टर साबित हुई, बल्कि इसने यह भी दिखा दिया कि अगर कंटेंट मजबूत हो, तो एनिमेटेड और पौराणिक कहानियां भी भारतीय दर्शकों के दिलों पर राज कर सकती हैं। ‘महावतार नरसिम्हा’ आज सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि विश्वास और संघर्ष की मिसाल बन चुकी है।



