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संभल में अवैध कब्जेदारों को सता रहा है बुलडोजर का खौफ, देर रात खुद ही तोड़ ली अवैध मस्जिद

Sambhal Muslim Community Demolishes Illegal Madina Mosque Before Administration Action

Madina Mosque Sambhal Demolished: यूपी के संभल में प्रशासन की सख्ती का अनोखा परिणाम दिखा है। 4 जनवरी को अवैध मस्जिद पर बुलडोजर चलना तय था, लेकिन खौफ ऐसा था कि मस्जिद कमेटी ने आधी रात को खुद ही हथौड़े उठाकर अवैध निर्माण को मलबे में तब्दील कर दिया।

उत्तर प्रदेश के संभल जिले के सलेमपुर सालार उर्फ हाजीपुर गांव में 4 जनवरी 2026 की सुबह एक बड़ा प्रशासनिक अभियान होना तय था। प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बनी मदीना मस्जिद को ढहाने के लिए पूरी तैयारी कर ली थी। हालांकि, प्रशासन का दस्ता पहुंचने से पहले ही मस्जिद कमेटी और स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने एक चौंकाने वाला कदम उठाया। 4 जनवरी की रात 12 बजे के बाद, ग्रामीणों ने खुद ही हथौड़े और औजार उठा लिए और 439 वर्ग मीटर में फैले अवैध ढांचे को गिराना शुरू कर दिया। सुबह होने तक पूरी मस्जिद मलबे के ढेर में बदल चुकी थी।

2018 से चल रहा था कानूनी विवाद

इस पूरे मामले की जड़ें साल 2018 से जुड़ी हैं। तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, मस्जिद के मुतवल्ली हाजी शमीम पर 439 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण कराने का आरोप था,। इस संबंध में पहली रिपोर्ट 14 जून 2018 को दर्ज की गई थी। इसके बाद यह मामला तहसीलदार न्यायालय में चला, जहां साक्ष्यों और राजस्व अभिलेखों की गहन जांच की गई। अंततः, अदालत ने भूमि को सरकारी घोषित करते हुए अवैध निर्माण हटाने और मुतवल्ली को बेदखल करने का आदेश सुनाया।

प्रशासन की भारी तैयारी और ‘बुलडोजर’ का डर

अदालत के आदेश के अनुपालन के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। 4 जनवरी की सुबह 10 बजे तहसीलदार के नेतृत्व में 31 राजस्व अधिकारियों की टीम, पांच थानों की पुलिस, पीएसी (PAC) और आरआरएफ (RRF) की कंपनी अवैध मस्जिद पहुंचने वाली थी। मौके पर कार्रवाई के लिए तीन बुलडोजर भी तैयार रखे गए थे। अधिकारियों का मानना है कि प्रशासन की इसी सख्ती और ‘बुलडोजर एक्शन‘ के डर से अतिक्रमणकारियों के हौसले पस्त हो गए और उन्होंने टकराव टालने के लिए खुद ही कब्जा हटा लिया।

जब सुबह टीम मौके पर पहुंची, तो वहां मस्जिद का ढांचा पहले ही गिराया जा चुका था। इस पर तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यदि लोग स्वयं ही अवैध कब्जा हटा रहे हैं, तो यह एक अच्छी और सकारात्मक बात है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य केवल सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना है, न कि किसी तरह का विवाद पैदा करना। स्थानीय स्तर पर इस घटना को एक मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है, जहां कानूनी सख्ती के बाद समुदाय ने शांतिपूर्ण तरीके से अवैध निर्माण हटाकर टकराव की स्थिति को टाल दिया।

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