
Bribery Case Maharashtra: वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग के एक राज्य कर निरीक्षक को बंद पड़ा जीएसटी नंबर दोबारा शुरू करने के बदले 35 हजार रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में राज्य कर निरीक्षक मनीष मुरलीधर सहारे (50) को पकड़ा गया।
शुरू नहीं हुआ था जीएसटी नंबर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता (36) का जीएसटी नंबर अक्टूबर 2025 से बंद था। उसे पुनः शुरू कराने के लिए शिकायतकर्ता ने 2 नवंबर 2025 को gst.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया था। जीएसटी विभाग, नागपुर से लेजर शीट जारी कर चालान भरने के निर्देश मिले, जिसके अनुसार शिकायतकर्ता ने 10 हजार 428 रुपये की राशि ऑनलाइन जमा की।
इसके बावजूद जीएसटी नंबर शुरू नहीं होने पर शिकायतकर्ता ने जीएसटी कार्यालय, भंडारा में कार्यरत अधिकारी मनीष सहारे से संपर्क किया। आरोप है कि अधिकारी ने जीएसटी नंबर चालू करने के लिए 35 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। रिश्वत देने की इच्छा न होने के कारण शिकायतकर्ता ने 15 जनवरी को एसीबी, भंडारा में शिकायत दर्ज कराई।
आरोपी के घर की तलाशी
इसके बाद जीएसटी कार्यालय, भंडारा में जाल बिछाया गया। ट्रैप कार्रवाई के दौरान आरोपी मनीष सहारे ने शिकायतकर्ता से 35 हजार रुपये की रिश्वत स्वयं स्वीकार की, उसी समय एसीबी की टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी के घर की तलाशी की कार्रवाई जारी है। भंडारा पुलिस थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी की विधिवत गिरफ्तारी की जाएगी।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दिगंबर प्रधान, अपर पुलिस अधीक्षक माधुरी बाविस्कर, अपर पुलिस अधीक्षक विजय माहुलकर तथा पुलिस उपअधीक्षक डॉ. अरुणकुमार लोहार (एसीबी, भंडारा) के मार्गदर्शन में की गई। इस कार्रवाई में पुलिस निरीक्षक उज्ज्वला मडावी, नितेश देशमुख सहित एसीबी भंडारा के अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे।



