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यूपी में 300 मीटर तक के दायरे में बिजली कनेक्शन के लिए खत्म होगा एस्टीमेट का झंझट


लखनऊ। यदि आपके परिसर के आसपास 300 मीटर के दायरे में कोई बिजली का पोल नहीं है तब भी कनेक्शन के लिए अब भागदौड़ नहीं करनी होगी। 150 किलोवाट तक के लोड के कनेक्शन के लिए एस्टीमेट बनवाने के झंझट जल्द ही खत्म होने वाला है। एकमुश्त तय धनराशि जमा करने के साथ ही केबल उपलब्ध कराने पर नया कनेक्शन मिल जाएगा।

इस संबंध में पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन के प्रस्ताव को सप्लाई कोड रिव्यू पैनल सब कमेटी की 18 दिसंबर को होने वाली बैठक में हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। सब कमेटी की मंजूरी मिलते ही बिजली कंपनियां इसे लागू कर देंगी।

बिजली का कनेक्शन चाहने वालों की सुविधा के लिए कंज्यूमर राइट रूल-2020 की धारा चार के सब सेक्शन 13 के तहत विद्युत नियामक आयोग कास्ट डाटा बुक में यह व्यवस्था करने की तैयारी में है।

सब कमेटी के सदस्यों को भेजे गए प्रस्ताव से साफ है कि प्रस्तावित व्यवस्था में 150 किलोवाट लोड तक के पोल से 300 मीटर तक की दूरी पर शहर से लेकर गांव तक में किसी भी श्रेणी के कनेक्शन के लिए मनमाने एस्टीमेट, भ्रष्टाचार और उपभोक्ताओं की अनावश्यक भागदौड़ खत्म हो जाएगी।

उपभोक्ताओं को ट्रांसफार्मर, पोल या कंडक्टर जैसी तकनीकी उपकरणों का प्रबंध एस्टीमेट के जरिए अपने स्तर से नहीं करना होगा। सिर्फ एकमुश्त तय धनराशि जमा करनी होगी।

प्रस्तावित कास्ट डाटा बुक में कनेक्शन की दूरी को तीन स्लैब में बांटा गया है। पहला स्लैब 0 से 100 मीटर की दूरी तक, दूसरा स्लैब 101 से 300 मीटर की दूरी तक और तीसरा स्लैब 301 मीटर से अधिक दूरी के लिए बनाया गया है। तीसरे स्लैब के कनेक्शन पर मौजूदा व्यवस्था ही लागू रहेगी।

प्रस्तावित व्यवस्था में दो किलोवाट का घरेलू कनेक्शन यदि 100 मीटर की दूरी तक लेना है तो उपभोक्ता को सिर्फ 5500 रुपये एकमुश्त जमा करने होंगे। इसी तरह 101 से 300 मीटर तक की दूरी पर उपभोक्ता को 7555 रुपये कनेक्शन के लिए जमा करना होगा।

गौरतलब है कि 300 मीटर तक की दूरी पर लगभग सात खंभे की लाइन, ट्रांसफार्मर व अन्य का लगभग एक लाख रुपये अभी उपभोक्ताओं को देना पड़ता है। प्रस्तावित व्यवस्था में गरीब बीपीएल उपभोक्ताओं को मीटर मूल्य के लिए किस्त की सुविधा भी मिलेगी।

सब कमेटी के सदस्य व विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा का कहना है कि लंबे समय से कास्ट डाटा बुक में प्रस्तावित व्यवस्था को लागू करने की मांग की जा रही थी। उन्होंने कहा है कि वर्तमान में सबसे अधिक भ्रष्टाचार बिजली कनेक्शन के लिए एस्टीमेट बनाने में होता है।

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