अमेठी : जमीनी विवाद को लेकर हुई एक बुजुर्ग महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने रविवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है.आरोपियों में मृतका की बहु सुनीता, पोता बृजेश, प्रधान प्रत्याशी मोईन और गांव का संतोष शामिल है.यह घटना मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र के पूरे नेवाज गांव की है.
पूछताछ में आरोपी मोईन ने कबूल किया कि वह एक पुराने मुकदमे से बचना चाहता था और आगामी ग्राम प्रधान चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था.इसी मकसद से उसने पूरी साजिश रची.योजना के तहत 31 दिसंबर 2025 को शिवपता को खेत की ओर बुलाया गया, जहां यूकेलिप्टस और बांस के डंडों से पीटकर उनकी हत्या कर दी गई.
आरोपी ने यह भी बताया कि मृतका की बहू और पोते का मौजूदा ग्राम प्रधान पति तौकीर से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. इसी विवाद के चलते प्रधान को फंसाने की नीयत से यह साजिश रची गई थी.
पूरे नेवाज गांव में गुरुवार को शिवपता घायल अवस्था में मिली थी.इसके बाद घायल महिला को ग्रामीण सीएचसी मुसाफिरखाना लेकर गए. वहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला चिकित्सालय गौरीगंज रेफर कर दिया.इलाज के दौरान डॉक्टरों ने शिवपता को मृत घोषित कर दिया.
इसके बाद मृतका की बहू सुनीता पत्नी सुरेश कुमार ने मुसाफिरखाना थाने में शिकायत दर्ज कराई थी.मृतका की बहू सुनीता कोरी ने बताया था कि उनके परिवार का गांव के कुछ लोगों से जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था.उस समय सुनीता ने पुलिस को एक कहानी बनाकर सुनाई, जिसके मुताबिक जयवर्धन कोरी और हर्षवर्धन कोरी ने साजिश के तहत सास को जमीन की बात करने के बहाने ग्राम प्रधान के फार्म पर बुलवाया.
परिजनों ने शिवपता को वहां जाने से मना किया, लेकिन वह नहीं मानीं.सुनीता कोरी भी उनके साथ चली गईं। रास्ते में केशवराम की दुकान से करीब 100 मीटर आगे पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने शिवपता पर लाठी, डंडे और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने प्रधान पति समेत कई लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था.
अभी तक जो कहानी सुनीता ने सुनाई घटनाक्रम वही था, लेकिन किरदार बदल गए थे.पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और अन्य सबूतों के आधार पर रविवार को मृतका की बहू सुनीता, पोते बृजेश, प्रधान प्रत्याशी मोईन और उसके दोस्त संतोष को गिरफ्तार किया.
एसपी अमेठी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि सुनीता को हत्या की साजिश की पूरी जानकारी थी. उसने और मोईन ने मिलकर पूरा प्लान बनाया.इसमें सुनीता का बेटा बृजेश और मोईन का दोस्त संतोष भी शामिल हो गए.पूछताछ में बहू ने बताया कि उनकी सोच थी कि अगर मामला एससी-एसटी एक्ट में दर्ज हो जाता है तो विपक्षी जेल चला जाएगा.इसी उद्देश्य से यह साजिश रची गई और महिला पर हमला किया गया.
साजिश का उद्देश्य
सुनीताः प्रधान पति तौकीर से जमीनी विवाद का बदला लेना चाहती थी.
बृजेशः पूरे मामले में अपनी मां सुनीता का साथ दे रहा था.
मोईनः प्रधान पद का प्रत्याशी था और विरोधी को अपने रास्ते से हटाना चाहता था.
संतोषः मोईन का दोस्त था और वारदात में साथ देने के लिए तैयार हो गया




