
प्रतीकात्मक तस्वीर.
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से रिश्तों को तार-तार और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहां घरेलू कलह और मानसिक तनाव से जूझ रही एक 32 वर्षीय विवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. महिला का शव घर के पास तालाब किनारे आम के पेड़ से लटका मिला, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया.
घटना रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र के खानपुर शम्भूदयाल गांव की है. शनिवार सुबह करीब पांच बजे ग्रामीण जब घरों से बाहर निकले तो उन्होंने तालाब के किनारे एक महिला का शव झूलता देखा. पास जाकर पहचान करने पर मृतका की पहचान ममता पत्नी सुरेश चौहान के रूप में हुई. घटना की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और गांव में मातम का माहौल बन गया.
सूचना मिलते ही रामसनेहीघाट कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, शव को नीचे उतरवाया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया. साथ ही फॉरेंसिक साक्ष्य भी सुरक्षित किए गए, ताकि मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच की जा सके.
6 साल पहले हुई थी ममता की शादी
जांच में सामने आया कि मृतका ममता की शादी करीब छह साल पहले हुई थी. वो दो बेटियों की मां थी और गांव में एक शांत स्वभाव की महिला के रूप में जानी जाती थी. ग्रामीणों के अनुसार, ममता ज्यादातर समय बच्चों की देखभाल और घरेलू जिम्मेदारियों में व्यस्त रहती थी, लेकिन बीते कुछ समय से वह तनाव में नजर आ रही थी.
साली से संबंध बने आत्महत्या की वजह
मायका पक्ष और ग्रामीणों ने पुलिस को बताया- करीब तीन साल पहले ममता के पति सुरेश ने अपने छोटे भाई अवधेश की शादी ममता की छोटी बहन से करवाई थी. शादी के महज एक सप्ताह बाद ही अवधेश अपनी पत्नी को लेकर गांव छोड़कर लखनऊ चला गया. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर गांव और परिवार में काफी चर्चा रही. बताया गया कि इसके बाद से ही ममता के पति के अपनी साली के साथ अवैध संबंध बन गए, जिनकी चर्चाएं भी शुरू हो गईं. मायका पक्ष का आरोप है कि ममता इस बात से बेहद आहत थी और कई बार उसने इसको लेकर विरोध भी किया था. पति और ससुराल पक्ष से अपेक्षित सहयोग न मिलने के कारण वह मानसिक तनाव में रहने लगी थी.
बच्चों को सुलाकर घर से निकल गई
ग्रामीणों के अनुसार, ममता अक्सर गुमसुम रहने लगी थी. वह अपने दुख किसी से खुलकर साझा नहीं करती थी. परिवार वालों का कहना है कि वह बच्चों की खातिर सब कुछ सह रही थी, लेकिन अंदर ही अंदर टूट चुकी थी. शुक्रवार रात उसने रोज की तरह अपनी दोनों बेटियों को भोजन कराया, उन्हें सुलाया और फिर घर से बाहर निकल गई. किसी को अंदेशा तक नहीं था कि वह ऐसा खौफनाक कदम उठा लेगी.
‘दोषियों पर लिया जाएगा एक्शन’
इस मामले में पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है. रामसनेहीघाट कोतवाली पुलिस के अनुसार, मृतका के परिजनों से तहरीर ली जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी. यदि किसी प्रकार की प्रताड़ना या अपराध के साक्ष्य मिलते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
दोनों बेटियां कर रहीं मां का इंतजार
ममता की मौत के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है. उसकी दोनों मासूम बेटियां मां के इंतजार में बेसुध हैं. ग्रामीणों की आंखें नम हैं और हर कोई यही कह रहा है कि एक महिला को इस हद तक मजबूर कर दिया गया कि उसने अपनी जान दे दी.



