
सरकारी मेटल कंपनियां
ग्लोबल मार्केट में मची हलचल का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार और आपके पोर्टफोलियो पर देखने को मिल रहा है. अगर आपने पिछले एक महीने में मेटल सेक्टर, खासकर सरकारी कंपनियों (PSU) पर दांव लगाया था, तो यकीनन आप मुनाफे में होंगे. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉपर (तांबा) और एल्युमिनियम जैसी धातुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं. इसी तेजी का फायदा भारत की दो प्रमुख सरकारी कंपनियों हिंदुस्तान कॉपर और नाल्को (NALCO) को मिला है. इन कंपनियों के शेयरों ने महज 30 दिनों के भीतर निवेशकों की दौलत में जबरदस्त इजाफा किया है.
Hindustan Copper: 30 दिन में 55% की तेजी
सरकारी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान कॉपर (Hindustan Copper) के शेयरों ने बाजार में कोहराम मचा रखा है. मंगलवार को लगातार चौथे दिन शेयर में तेजी देखी गई और यह एनएसई (NSE) पर 574.60 रुपये के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर (All-Time High) को छू गया. पिछले एक महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस शेयर ने निवेशकों को करीब 55.38 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया है.
इस भारी उछाल का मुख्य कारण लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर कॉपर की कीमतों का रिकॉर्ड तोड़ना है. इतिहास में पहली बार कॉपर 13,000 डॉलर प्रति टन के पार पहुंच गया है. एमसीएक्स (MCX) पर भी इसके वायदा भाव नए शिखर पर हैं. चूंकि हिंदुस्तान कॉपर भारत में कॉपर का एक प्रमुख उत्पादक है, इसलिए ग्लोबल कीमतों में आई किसी भी तेजी का सीधा फायदा कंपनी के शेयर प्राइस में रिफ्लेक्ट हो रहा है.
दुनिया भर में सप्लाई का संकट, भारत में मुनाफा
जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट बताती है कि कॉपर की कीमतों में लगी आग के पीछे सप्लाई साइड की भारी दिक्कतें हैं. दुनिया के सबसे बड़े कॉपर उत्पादक देश, चिली में कैपस्टोन कॉपर की ‘मेंटोवर्डे माइन’ में मजदूरों की हड़ताल चल रही है. दूसरी तरफ, इंडोनेशिया की ग्रासबर्ग माइन में भी उत्पादन से जुड़ी बाधाएं सामने आ रही हैं.
जब सप्लाई कम हो और मांग बरकरार रहे, तो कीमतें बढ़ना स्वाभाविक है. बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक सप्लाई चेन सुधरती नहीं, कॉपर की कीमतें ऊंचे स्तर पर टिकी रह सकती हैं. यही कारण है कि भारतीय बाजार में हिंदुस्तान कॉपर जैसे शेयरों को लगातार सपोर्ट मिल रहा है.
NALCO भी पीछे नहीं, 3 साल के रिकॉर्ड स्तर पर भाव
सिर्फ कॉपर ही नहीं, एल्युमिनियम बनाने वाली सरकारी कंपनी नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (National Aluminum Company Ltd) ने भी निवेशकों को मालामाल किया है. नाल्को के शेयर पिछले एक महीने में 30 फीसदी और बीते एक साल में 74 फीसदी तक चढ़ चुके हैं. मंगलवार को यह शेयर 348.40 रुपये पर बंद हुआ.
इसके पीछे की वजह भी ग्लोबल है. एल्युमिनियम के भाव 2022 के बाद पहली बार 3,000 डॉलर प्रति टन के पार चले गए हैं. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने अपनी स्मेल्टिंग क्षमता पर सीमा लगा दी है और यूरोप में बिजली महंगी होने से उत्पादन घट रहा है. जबकि दूसरी ओर, कंस्ट्रक्शन और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर से एल्युमिनियम की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है. ज्यादातर ब्रोकरेज हाउस अभी भी नाल्को को लेकर सकारात्मक हैं और ‘Buy’ की सलाह दे रहे हैं.
अब भी कमाई का मौका या खतरा?
इतनी बड़ी रैली के बाद क्या अब प्रॉफिट बुक कर लेना चाहिए या नई खरीदारी करनी चाहिए? टिप्स2ट्रेड्स के एनालिस्ट ए.आर. रामचंद्रन के मुताबिक, हिंदुस्तान कॉपर का चार्ट ‘बुलिश’ तो है, लेकिन यह अब ‘ओवरबॉट जोन’ (Overbought Zone) में आ चुका है, जिसका मतलब है कि यहां से थोड़ी गिरावट या मुनाफावसूली आ सकती है.
तकनीकी नजरिए से देखें तो हिंदुस्तान कॉपर के लिए 606 रुपये का लेवल एक बड़ी बाधा (Resistance) है. अगर शेयर इसे पार करता है, तो और तेजी आ सकती है. वहीं, नीचे की तरफ 555 रुपये पर मजबूत सपोर्ट है. अगर शेयर इस लेवल को तोड़कर नीचे आता है, तो यह 475 रुपये तक गिर सकता है. नाल्को के मामले में भी विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा स्तरों से थोड़ा डाउनसाइड जोखिम हो सकता है, इसलिए निवेशकों को स्टॉप-लॉस का ध्यान रखते हुए ही कोई कदम उठाना चाहिए.
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