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ये 4 टेस्ट बता देंगे कितना हेल्दी है आपका हार्ट, एक्सपर्ट से जानें कब और किस कंडीशन में किए जाते हैं?

हार्ट टेस्ट
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आजकल की बदलती जीवनशैली में लोग हार्ट से जुडी बीमारियों की चपेट में तेजी से आ रहे हैं। ऐसे में बढ़ती उम्र के साथ दिल की सेहत का ध्यान रखना और भी ज़्यादा ज़रूरी हो जाता है। खराब खान पान की वजह से वज़न तो बढ़ता ही है साथ ही हमारी धमनियों की दीवारों में प्लाक (चर्बी जमा होने) जमने का खतरा तेजी से बढ़ता है। 25 साल से अधिक के क्लिनिकल अनुभव वाले कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. जेरेमी लंदन ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर दिल की सेहत से जुड़े कुछ अहम स्क्रीनिंग टेस्ट के बारे में जानकारी साझा की है। उन्होंने चार ऐसे ज़रूरी टेस्ट बताए हैं, जिनकी मदद से हम अपने दिल की सेहत पर बेहतर नज़र रख सकते हैं और समय रहते ज़रूरी कदम उठा सकते हैं।

हेल्दी हार्ट के लिए कराएं ये टेस्ट:

  • एंकल ब्रेकियल इंडेक्स (ABI): डॉ. लंदन ने बताया, “यह टेस्ट हाथों और टखनों में ब्लड प्रेशर की तुलना करता है। पैरों में खून का बहाव कम होने का मतलब अक्सर दूसरी जगहों पर भी प्लाक होना होता है। कम ABI दिल के दौरे और स्ट्रोक का एक बड़ा संकेत है, भले ही कोई लक्षण न हों। 

  • कैरोटिड अल्ट्रासाउंड (carotid ultrasound): कैरोटिड अल्ट्रासाउंड गर्दन की कैरोटिड धमनियों की तस्वीरें बनाती है जो दिल से दिमाग तक रक्त पहुंचाती हैं। यह प्लाक के कारण होने वाली रुकावटों या का पता लगाता है और स्ट्रोक के जोखिम का पता लगाने में मदद करता है।

  • इकोकार्डियोग्राम (Echocardiogram):  इकोकार्डियोग्राम को ‘इको’ भी कहते हैं। यह हार्ट का एक अल्ट्रासाउंड होता है जो ध्वनि तरंगों का इस्तेमाल करके धड़कते दिल की लाइव तस्वीरें बनाता है। यह टेस्ट दिखाता है कि आपका दिल कितनी अच्छी तरह पंप करता है, आपके वाल्व कैसे काम करते हैं, और क्या आपके दिल की मांसपेशी मोटी हो गई है या कमजोर हो गई है।

  • कार्डियक सीटी एंजियोग्राम (CCTA): कार्डियक सीटी एंजियोग्राम एक सीटी स्कैन है जो एक्स-रे और कंप्यूटर का उपयोग करके हृदय और उसे रक्त पहुँचाने वाली कोरोनरी धमनियों की 3D तस्वीरें लेता है, जिससे धमनियों में ब्लॉकेज, संकुचन या प्लाक का पता लगाया जाता है।

हालांकि, डॉकटर लंदन सुझाव देते हैं कि दिल से जुड़ा कोई भी टेस्ट करवाने से पहले लोगों को अपने पर्सनल डॉक्टर से सलाह ज़रूर लेनी चाहिए, ताकि यह तय किया जा सके कि उनकी उम्र, लाइफस्टाइल और मेडिकल हिस्ट्री के अनुसार कौन-सा टेस्ट सबसे उपयुक्त रहेगा।

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