आशा भोसले ने 20 भाषाओं में 12 हजार से भी ज्यादा गीत अपने करियर में रिकॉर्ड किए। गायिका ने कई शैली में गाने गाए और लोगों के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाई। यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने अपनी निजी जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव देखे। आशा भोसले ने 16 साल की उम्र में लता मंगेशकर के सेक्रेटरी गणपतराव भोसले के साथ घर से भाग कर शादी की थी। हालांकि, यह शादी ज्यादा नहीं चली और दोनों 1960 में अलग हो गए। एक बातचीत में गायिका ने बताया था कि उनके ससुरालवालों ने उन्हें काफी टॉर्चर किया था।

लता मंगेशकर ने तोड़ दिए थे आशा भोसले से रिश्ते

एक बार एक बातचीत में आशा भोसले ने बताया था कि गणपतराव महीने के सिर्फ 100 रुपये कमाते थे, जो पूरे परिवार के लिए काफी नहीं थे। इसलिए उन्हें घर के खर्चों की कुछ जिम्मेदारी उठाने के लिए आगे आना पड़ा। अपने से उम्र में बड़े आदमी के साथ शादी करने और घर से भाग जाने के कारण आशा और उनके परिवार के बीच पहले से मनमुटाव चल रहे थे। उनकी बहन लता मंगेशकर ने कुछ समय के लिए उनसे सारे रिश्ते तोड़ लिए थे।

उस समय लता और आशा दोनों ही गायिका के तौर पर अपना करियर बनाने की कोशिश कर रही थीं, क्योंकि उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर के गुजर जाने के बाद से ही उनका परिवार काफी मुश्किल दौर से गुज़र रहा था। ऐसे में आशा के घर से भाग जाने की घटना से लता बहुत परेशान हो गई थीं। दरसअल, लता को सभी भाई-बहनों में सबसे बड़ी होने के नाते यह बात बिल्कुल भी मजूर नहीं थी। साल 2003 में कविता छिब्बर को दिए एक इंटरव्यू में आशा भोसले ने बताया था, “लता दीदी ने काफी लंबे समय तक मुझसे कोई बात नहीं की। उन्हें यह रिश्ता बिल्कुल भी पसंद नहीं आया था।”

संघर्ष भरा रहा आशा का जीवन

शादी के कुछ ही समय बाद साल 1949 में आशा ने अपने पहले बच्चे हेमंत का स्वागत किया। 1993 में दूरदर्शन कोलकाता के साथ एक बातचीत में गायिका ने बताया था कि यही वह पल था जब उन्हें सच में एहसास हुआ कि अपने बेटे को एक आरामदायक जिंदगी देने के लिए उन्हें घर से बाहर निकलकर काम भी करना होगा। इसके बाद अपने एक महीने के बच्चे को ससुराल वालों के पास छोड़कर आशा बाहर जातीं और गाने के कार्यक्रमों से पैसे कमातीं।

उन्होंने बताया था, “मुझे अपने एक महीने के बच्चे को छोड़कर जाना पड़ता था ताकि मैं जाकर गा सकूं और पैसे कमा सकूं। उन संघर्ष भरे दिनों में कभी मुझे गाना मिल जाता था, तो कभी नहीं। मैं रियाज के लिए सुबह 5 बजे उठ जाती थी। इन सबके अलावा मुझे घर के सारे काम भी करने पड़ते थे।” फिर 1956 में आशा ने अपनी बेटी वर्षा को जन्म दिया था।

जब ससुराल वालों ने टॉर्चर करना कर दिया था शुरू

फिर आशा भोसले अपने पति के परिवार के साथ बोरीवली रहने लग गई थीं। तब वह इलाका एक गांव जैसा था। उनका रोज का काम कुएं से पानी लाना, पूरे घर के लिए खाना बनाना, बच्चों को स्कूल छोड़ना और फिर काम पर जाना होता था। कुछ साल तक ऐसा ही चलता रहा, लेकिन 1960 में उनकी शादी टूट गई। उस समय वह अपने सबसे छोटे बेटे आनंद की मां बनने वाली थीं। तब उन्हें अपने पति का घर छोड़ने के लिए कह दिया गया था।

फिर आशा भोसले के साथ उस शादी में टॉर्चर शुरू हो गया था। जब वह अपने तीसरे बच्चे को जन्म देने वाली थीं, तो उन्हें काफी मुश्किल का सामना करना पड़ा था। उनसे कहा गया कि वे अपने पति का घर छोड़कर खुद अपना गुजारा करें। साल 2003 में कविता छिब्बर के साथ एक बातचीत में, आशा ने बताया कि उनकी शादी लव मैरिज थी।