तमिलनाडु नागरकोइल रेलवे स्टेशन से तीन साल की बच्ची का अपहरण किए जाने से सनसनी फैल गई. वहीं पुलिस ने तत्परता से महज तीन घंटे के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
इस बारे में कोट्टार पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान योगेश कुमार के रूप में हुई है, उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की सभी एंगल से जांच की जा रही है.
पुलिस के मुताबिक, बच्ची के माता-पिता, रंजन और मुस्का, मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं. इस दंपती की तीन बेटियां हैं और यह परिवार कोट्टार में सेंट जेवियर्स चर्च के सामने गुब्बारे बेचता है. शनिवार शाम को, परिवार मध्य प्रदेश जाने वाली ट्रेन पकड़ने के लिए नागरकोइल रेलवे स्टेशन पहुंचा.
जब वह दंपती अपना सामान व्यवस्थित करने में व्यस्त था, तभी रेलवे स्टेशन के बाहर बैठा एक आदमी अचानक उनकी सबसे बड़ी बेटी को उठाकर भाग गया. अपने बच्चे को किडनैप होते देखकर रंजन हैरान रह गया. उसने उस आदमी का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन वह भागने में कामयाब हो गया. रंजन ने तुरंत रेलवे पुलिस और कोट्टार पुलिस स्टेशन को इसकी जानकारी दी.
रेलवे पुलिस कर्मियों ने कोट्टार पुलिस के साथ मिलकर तलाशी अभियान चलाया और उसके बाद, रेलवे स्टेशन पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच की. एक सीसीटीवी फुटेज में एक आदमी बच्चे को कंधे पर उठाकर भागता हुआ दिखाई दिया.
यह जानकारी मिलने पर कि आरोपी वडेसरी बस स्टैंड पर खड़ा देखा गया है, पुलिस वहां पहुंची और आरोपी योगेश कुमार को बच्चे के साथ देखा. पुलिस ने तुरंत बच्ची को बचाया और उसे असरिपल्लम सरकारी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल ले गई, जहां उसका मेडिकल चेकअप किया गया. साथ ही योगेश को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया. बाद में, बच्ची को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया.
योगेश को बच्ची का अपहरण करने के तीन घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया गया और मामले की गहन जांच की जा रही है. कोट्टार पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने कहा, “यह पता लगाने के लिए जांच चल रही है कि क्या योगेश किसी चाइल्ड ट्रैफिकिंग गैंग से जुड़ा है या उसने बच्ची को बेचने के लिए अपहरण किया था. कई एंगल से जांच की जा रही है.” अपहरणकर्ता योगेश कुमार नागरकोइल के मीनाक्षीपुरम कंधारी अम्मन कोइल स्ट्रीट में रहने वाले एक दंपती का रिश्तेदार है.



