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Throwback Story: ‘घूंघट की आड़ से’ गाने का ऐसा जुनून, 15 साल तक सिंगर को तलाशता रहा फैन, मिलते ही पकड़ लिए पैर

Throwback Story: ‘घूंघट की आड़ से’ गाने का ऐसा जुनून, 15 साल तक सिंगर को तलाशता रहा फैन, मिलते ही पकड़ लिए पैर

Ghoonghat Ki Aad Se Song: साल 1993 में रिलीज हुई फिल्म हम हैं राही प्यार के उस दौर की सबसे पसंदीदा रोमांटिक-कॉमेडी फिल्मों में गिनी जाती है। इस फिल्म में आमिर खान और जूही चावला की जोड़ी ने दर्शकों का दिल जीत लिया था। महेश भट्ट के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और इसकी कहानी के साथ-साथ इसके गानों ने भी खूब लोकप्रियता हासिल की।

फिल्म की खासियत सिर्फ इसकी हल्की-फुल्की कहानी नहीं थी, बल्कि इसका म्यूजिक भी था, जिसने उस समय हर जगह धूम मचा दी थी। फिल्म में कुल छह गाने थे और लगभग हर गाना सुपरहिट साबित हुआ। रेडियो से लेकर शादी-समारोह तक, इन गानों की गूंज हर जगह सुनाई देती थी।

सुपरहिट रहे इस फिल्म के गाने

आमिर खान की फिल्म के गाने जैसे ‘घूंघट की आड़ से दिलबर का दीदार अधूरा रहता है’, ‘यूं ही कट जाएगा सफर’, ‘काश कोई लड़का मुझे प्यार करता’ और ‘वो मेरी नींद मेरा चैन मुझे लौटा दो’ लोगों की जुबान पर चढ़ गए थे। इन गानों का संगीत मशहूर संगीतकार जोड़ी नदीम-श्रवण ने तैयार किया था। वहीं इन गीतों को अपनी आवाज से सजाया कुमार सानू, अलका याग्निक और साधना सरगम जैसे दिग्गज गायकों ने।

इन सभी गानों के बोल मशहूर गीतकार समीर अंजान ने लिखे थे। खासकर ‘घूंघट की आड़ से’ गाना इतना लोकप्रिय हुआ कि इससे जुड़ा एक अनोखा किस्सा आज भी याद किया जाता है।

पार्टी में हुआ चौंकाने वाला वाकया

एक इंटरव्यू के दौरान गीतकार समीर अनजान ने इस गाने से जुड़ा एक दिलचस्प अनुभव साझा किया था। उन्होंने बताया कि कई साल पहले वह एक पार्टी में शामिल हुए थे। वहां उन्होंने देखा कि एक युवक लगातार उन्हें घूर रहा था। शुरुआत में उन्होंने इस बात को नजरअंदाज किया और अपनी जगह बदल ली।

कुछ देर बाद एक अन्य व्यक्ति उनके पास आया और उनसे बातचीत करने लगा। उसने समीर अनजान का नाम लेते हुए उनका परिचय कराया। जैसे ही उस युवक को पता चला कि सामने वही गीतकार खड़े हैं, जिन्हें वह लंबे समय से खोज रहा था, वह तुरंत उनके पैरों में गिर पड़ा।

15 साल से कर रहा था तलाश

समीर अनजान ने बताया कि उस युवक का यह व्यवहार देखकर वह बेहद हैरान रह गए। उन्होंने उस व्यक्ति से पूछा कि आखिर वह ऐसा क्यों कर रहा है। तब उस युवक ने जो बात बताई, वह और भी चौंकाने वाली थी।

उस युवक ने बताया कि वह पिछले 15 सालों से समीर अनजान को खोज रहा था। वह ‘घूंघट की आड़ से’ गाने का इतना बड़ा प्रशंसक था कि उसकी कैसेट हमेशा अपने पास रखता था। घर हो या गाड़ी, वह इस गाने को बार-बार सुनता रहता था।

उसका कहना था कि वह इस गाने के पीछे की असली वजह जानना चाहता था कि आखिर इसे किस भावना से लिखा गया।

ऐसे बना था सुपरहिट गाना

जब उस युवक ने गाने के पीछे की कहानी पूछी, तो समीर अनजान ने उसे बताया कि यह गाना किसी व्यक्तिगत अनुभव पर नहीं, बल्कि फिल्म की कहानी की मांग के अनुसार लिखा गया था। उन्होंने बताया कि निर्देशक महेश भट्ट ने उन्हें एक खास सिचुएशन समझाई थी और उसी के आधार पर उन्होंने इस गाने के बोल तैयार किए थे।

फिलहाल, यह किस्सा इस बात का उदाहरण है कि 90 के दशक में फिल्मों के गानों का लोगों पर कितना गहरा असर होता था। ‘घूंघट की आड़ से’ जैसे गाने आज भी लोगों की यादों में बसे हुए हैं और उस दौर की संगीत विरासत को जीवित रखते हैं।

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