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ऊपर से गुजरा ट्रैक्टर, कई अंग हुए क्षतिग्रस्त… फिर भी बच गया 12 साल का मासूम; कैसे हुआ ये चमत्कार?

ऊपर से गुजरा ट्रैक्टर, कई अंग हुए क्षतिग्रस्त... फिर भी बच गया 12 साल का मासूम; कैसे हुआ ये चमत्कार?

जटिल ऑपरेशन के बाद बची बच्चे की जान

जाको राखे साइयां मार सके ना कोई… मतलब जिसकी रक्षा भगवान करते हैं, उसको कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता है. ऐसा ही मामला एक राजस्थान के उदयपुर शहर से सामने आया है, जहां 12 साल के बच्चे के ऊपर से ट्रैक्टर का पहिया गुजर गया था. उसकी हालत काफी गंभीर थी. परिजन उसे तुरंत पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल (PMCH) लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की टीम ने 12 घंटे के जटिल ऑपरेशन के बाद बच्चे के जान बचा ली.

उदयपुर के मदार इलाके का रहने वाले जितेंद्र (12) के ऊपर से ट्रैक्टर का पहिया गुजर गया था. इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. इसमें उसके कई अंग क्षतिग्रस्त हो गए. बच्चे की हालत देखकर परिजन काफी घबरा गए. वह रोते-बिलखते जितेंद्र को लेकर शहर के बड़े प्राइवेट अस्पताल पीएमसीएच लेकर पहुंच, जहां बाल एवं नवजात शिशु सर्जरी, एनेस्थीसिया विभाग और सहयोगी स्टाफ की मदद से उसका इलाज शुरू किया गया.

12 घंटे तक चला ऑपरेशन

बच्चे की गंभीर होते देखते हुए डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन करने का फैसला लिया. करीब 12 घंटे के बाद ऑपरेशन सफल हुआ. इसके बाद बच्चे के परिजन और डॉक्टरों की टीम ने चैन की सांस ली. अस्पताल के चेयरमैन राहुल अग्रवाल ने बताया कि बच्चे की हालत अब स्थिर है. विशेषज्ञों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है. हालत सुधरने के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया जाएगा. ट्रैक्टर का पहिया चढ़ने से घायल जितेंद्र, डायफ्राम, आमाशय, तिल्ली और छोटी आंत फट गई थीं.

आंतों की हुई सिलाई

इसके अलावा बाएं गुर्दे की रक्त वाहिनियां बयां पैर भी जख्म हो गया था. बच्चे के इमरजेंसी में आते ही जरूरी टेस्ट के बाद उसे सीधे ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया, जहां करीब 12 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद बच्चे की जान बच सकी. पीडियाट्रिक सर्जन डॉक्टर प्रवीण झंवर के नेतृत्व में सर्जरी सफल हुई. फटे फेफड़े और डायफ्राम की मरम्मत की गई, क्षतिग्रस्त तिल्ली को हटाया गया, आंतों की सिलाई की गई और आंतरिक रक्तस्राव को नियंत्रित किया गया.

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