झुंझुनूं: हालिया गैंगवॉर के बाद एक और बड़े खूनी टकराव की साजिश का खुलासा हुआ है. हरियाणा का कुख्यात बदमाश वीरेंद्र गोठड़ी एक बार फिर गैंगवार की तैयारी में था, लेकिन खेतड़ी पुलिस की सतर्कता से वारदात से पहले ही उसके मंसूबों पर पानी फिर गया. पुलिस ने हथियारों से लैस उसके 6 गुर्गों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 12 बोर गन के 8 और पिस्टल के 7 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं.
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बदला लेने की साजिश रचने की बात कबूल की है. वीरेंद्र गोठड़ी हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी थाने का हिस्ट्रीशीटर है और करीब साढ़े आठ साल बाद फिर से गैंगवार को अंजाम देने की फिराक में था. हालांकि, समय रहते पुलिस ने कार्रवाई कर संभावित गैंगवॉर को टाल दिया. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बदमाशों के निशाने पर कौन था, मामले की जांच जारी है.
बताया जा रहा है कि 6 मई 2017 को झुंझुनूं जिले के सिंघाना थाना क्षेत्र के डूमोली खुर्द गांव में वीरेंद्र गोठड़ी ने बदमाश मुकेश उर्फ मुखिया गुर्जर की हत्या की थी. इस दौरान फायरिंग की चपेट में आने से जयपाल नामक ग्रामीण की भी मौत हो गई थी. इस डबल मर्डर केस में पुलिस ने शूटरों समेत वीरेंद्र गोठड़ी को भी गिरफ्तार किया था.
इसी मामले में खेतड़ी कोर्ट में पेशी के दौरान वीरेंद्र गोठड़ी और हिस्ट्रीशीटर देवीलाल ने एक बार फिर खूनी वारदात की योजना बनाई, लेकिन पुलिस को समय रहते इसकी भनक लग गई.
खेतड़ी सीआई मोहनलाल के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि कोर्ट के आसपास हरियाणा नंबर की गाड़ियों में कुछ संदिग्ध बदमाश हथियारों के साथ मौजूद हैं. सूचना पर पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया, इस दौरान खेतड़ी बस स्टैंड के पास दो संदिग्ध गाड़ियां दिखाई दीं. पुलिस को देखकर बदमाश भागने लगे, लेकिन 6 को मौके से पकड़ लिया गया, जबकि 3-4 आरोपी फरार हो गए.
पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर हनुमान प्रसाद उर्फ गब्बर और देवीलाल सहित जितेंद्र, राजेश, महेश कुमार और दीपक स्वामी को गिरफ्तार किया है. पुलिस यह जांच कर रही है कि पेशी के दौरान आरोपियों के साथ हथियार क्यों लाए गए थे और इसके पीछे किसे निशाना बनाया जाना था.
गौरतलब है कि वीरेंद्र गोठड़ी के बसपा से चुनाव लड़ने की चर्चाएं भी रही हैं, हालांकि उसने चुनाव नहीं लड़ा. सोशल मीडिया पर वह खुद को गौरक्षक के रूप में सक्रिय दिखाता रहा है.




