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अच्छी लाइफ स्टाइल के बावजूद अगर आप अक्सर थकान, कमजोरी जैसी समस्याओं से जूझते हैं, तो इसे हल्के में लेना सही नहीं है। हर समय थकान और कमजोरी का एक बड़ा कारण शरीर में विटामिन B12 की कमी हो सकती है। एक स्टडी के अनुसार, भारत में लगभग 50% लोग विटामिन B12 की कमी से प्रभावित हैं। विटामिन B12 शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण, तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है। जब शरीर में इसकी कमी हो जाती है, तो इसका असर गंभीर रूप से दिखाई देने लगता है। चलिए जानते हैं इसकी कमी के संकेत को कैसे पहचानें और खाने की किन चीजों से यह कमी पूरी होगी?
शरीर के छिपे संकेतों को पहचानना है जरूरी
विटामिन B12 की कमी धीरे-धीरे शरीर को प्रभावित करती है। व्यक्ति को लगातार थकान महसूस हो सकती है, त्वचा पीली दिखने लगती है और ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत होने लगती है। कुछ लोगों को हल्की गतिविधियों के बाद भी सांस फूलने लगती है, जबकि कई बार मूड में बदलाव जैसे चिड़चिड़ापन और उदासी भी देखने को मिलती है। अगर इस कमी को समय पर नहीं पहचाना गया, तो आगे चलकर यह तंत्रिका तंत्र पर असर डाल सकती है। हाथ-पैरों में झुनझुनी, याददाश्त कमजोर होना और संतुलन बिगड़ना इसके गंभीर संकेत हो सकते हैं।
मांसाहारी लोगों के लिए विकल्प
जो लोग मांसाहारहैं, उनके लिए विटामिन B12 की पूर्ति आसान है। अंडे एक किफायती विकल्प हैं, जिन्हें रोजमर्रा की डाइट में आसानी से शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा सैल्मन और टूना जैसी मछलियाँ न केवल B12 से भरपूर होती हैं, बल्कि इनमें हेल्दी फैट भी मौजूद होता है। चिकन भी B12 के अच्छे स्रोत हैं।
शाकाहारियों के लिए क्या हैं विकल्प
शाकाहारी लोगों के लिए विटामिन B12 की कमी को पूरा करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि यह विटामिन मुख्य रूप से पशु उत्पादों में पाया जाता है। हालांकि, दूध, दही और पनीर जैसे डेयरी उत्पाद थोड़ी मात्रा में B12 प्रदान करते हैं, लेकिन कई बार ये पर्याप्त नहीं होते। ऐसे में फोर्टिफाइड फूड्स का सहारा लेना जरूरी हो जाता है।
B12 लेवल बनाए रखने के आसान तरीके
विटामिन B12 का स्तर बनाए रखना के लिए मांसाहारी लोग अगर हफ्ते में कई बार अंडे, मछली और डेयरी उत्पाद लेते हैं, तो पर उनका B12 लेवल संतुलित बना रहता है। वहीं, शाकाहारियों को डेयरी के साथ-साथ फोर्टिफाइड फूड्स को नियमित रूप से शामिल करना चाहिए। इसके अलावा, समय-समय पर ब्लड टेस्ट कराना भी जरूरी है, खासकर उन लोगों के लिए जो जोखिम में हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।



