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West Bengal New Temples: ममता बनर्जी सरकार बनवा रही है 3 बड़े मंदिर, लागत ₹850 करोड़; जगन्नाथ धाम से तारापीठ तक देखें मास्टर प्लान

West Bengal New Temples: ममता बनर्जी सरकार बनवा रही है 3 बड़े मंदिर, लागत ₹850 करोड़; जगन्नाथ धाम से तारापीठ तक देखें मास्टर प्लान

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार ने धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की है. राज्य में करीब 856 रुपए करोड़ की कुल लागत से तीन भव्य मंदिरों का निर्माण और विकास किया जा रहा है. ये मंदिर न केवल आस्था के केंद्र होंगे, बल्कि राज्य के पर्यटन मानचित्र पर नए मील के पत्थर भी साबित होंगे. आइए जान लेते हैं ये मंदिर किस भगवान को समर्पित हैं, और इनकी खासियत क्या हैं. आइए सबसे पहले बात कर लेते हैं, महाकाल महातीर्थ मंदिर के बारे में जहां देश की सबसे ऊंची शिव की मू्र्ति को लगाया जाएगा.

महाकाल महातीर्थ मंदिर, सिलीगुड़ी

उत्तर बंगाल के प्रवेश द्वार सिलीगुड़ी में बन रहा यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 16 जनवरी 2026 को इसका शिलान्यास किया. मंदिर लगभग 17.41 एकड़ में बन रहा है. जिस बनाने में 344 रुपए करोड़ से अधिक खर्च होगा. इसी वजह से ये पश्चिम बंगाल का अब तक का सबसे महंगा मंदिर बनने जा रहा है.

खासियत: यहां 216 फीट ऊंची महाकाल (शिव) की प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जिसे देश की सबसे ऊंची शिव प्रतिमाओं में से एक माना जा रहा है. मंदिर परिसर में भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियां भी बनाई जाएंगी. श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा कन्वेंशन सेंटर और म्यूजियम भी परिसर का हिस्सा होगा.

दुर्गा आंगन, कोलकाता (न्यू टाउन)

कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में इको पार्क के ठीक सामने दुर्गा आंगन का निर्माण किया जा रहा है. इसका शिलान्यास 29 दिसंबर 2025 को किया गया था. मंदिर का कुल एरिया 17 एकड़ से ज्यादा होगा. जिसे 262 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से बनाया जा रहा है.

खासियत: यूनेस्को द्वारा दुर्गा पूजा को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का दर्जा मिलने के सम्मान में इसे बनाया जा रहा है. इस मंदिर की सबसे खास बात ये रहेगी कि यहां साल के 365 दिन मां दुर्गा की पूजा होगी और पूरे वर्ष दुर्गा पूजा जैसा माहौल रहेगा.मुख्य मंदिर की ऊंचाई 54 मीटर होगी और यह 1,008 स्तंभों पर टिका होगा. परिसर में एक सांस्कृतिक संग्रहालय भी होगा जो बंगाल की लोक कला और हस्तशिल्प को प्रदर्शित करेगा.

जगन्नाथ मंदिर, दीघा

दीघा (पश्चिम बंगाल) में स्थित जगन्नाथ मंदिर में मुख्य रूप से भगवान जगन्नाथ (भगवान विष्णु के रूप), उनके भाई बलराम और बहन सुभद्रा की पूजा की जाएगी. यह मंदिर ओडिशा के पुरी के प्रसिद्ध मंदिर की तर्ज पर बनाया गया है. इसका उद्घाटन 30 अप्रैल 2025 को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किया था. आपको बता दें 22 एकड़ में मंदिर का निर्माण किया गया है, जिसे बनाने में सरकार ने 250 करोड़ रुपए का बजट रखा था.

खासियत: यह मंदिर पुरी के मंदिर की हूबहू प्रतिकृति है और इसे राजस्थान के बंसी पहाड़पुर के गुलाबी पत्थरों से बनाया गया है. इसकी ऊंचाई लगभग 65 मीटर (213 फीट) है, जो पुरी के मंदिर के बराबर ही है. मंदिर में चार भव्य प्रवेश द्वार हैं, जिनके नाम हैं, सिंह द्वार, व्याघ्र द्वार, हस्ती द्वार और अश्व द्वार. उद्घाटन के बाद से ही यह पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गया है.

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