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Gluten Free रोटियां खाने से क्या होता है? जानें किन अनाज में नहीं होता ग्लूटेन?

ग्लूटेन-फ्री रोटी खाने से क्या होता है
Image Source : FREEPIK

आजकल हेल्दी डाइट के चलते ग्लूटेन-फ्री रोटियां खाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। कई लोग पाचन को बेहतर रखने और पेट से जुड़ी समस्याओं से बचने के लिए ग्लूटेन-फ्री अनाज का सेवन करना पसंद करते हैं। हालांकि हर किसी के लिए ग्लूटेन छोड़ना जरूरी नहीं होता, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह फायदेमंद साबित हो सकता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि ग्लूटेन-फ्री रोटियां खाने से क्या फायदे हो सकते हैं और किन अनाजों में ग्लूटेन नहीं पाया जाता।

ग्लूटेन क्या होता है?

ग्लूटेन एक प्रोटीन है जो गेहूं, जौ जैसे अनाजों में पाया जाता है। ग्लूटेन नैचुरली होता है, लेकिन इसे निकालकर, गाढ़ा करके खाने और दूसरे प्रोडक्ट्स में मिलाकर प्रोटीन, टेक्सचर और फ्लेवर बढ़ाया जाता है। यह प्रोसेस्ड फूड्स को एक साथ रखने और उन्हें शेप देने के लिए बाइंडिंग एजेंट के तौर पर भी काम करता है। यह आटे को लचीला बनाता है, जिससे रोटी, ब्रेड और बेकरी आइटम्स का टेक्सचर अच्छा बनता है।

ग्लूटेन फ्री रोटियां खाने से क्या फायदे मिलते हैं?

ग्लूटेन-फ्री रोटियां खाने से पाचन बेहतर होता है, पेट फूलना कम होता है और वज़न कंट्रोल करने में मदद मिलती है। ये फाइबर से भरपूर होती हैं और इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो ब्लड शुगर को स्थिर रखने और एनर्जी बढ़ाने के लिए बहुत अच्छा है। ग्लूटेन-फ्री अनाज जैसे बाजरा, ज्वार और रागी में फाइबर, आयरन और कैल्शियम अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं।

किन अनाज में ग्लूटेन नहीं होता?

  • बाजरे की रोटी: बाजरे की रोटी फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम और कैल्शियम से भरपूर होती है, जो पाचन सुधारने और खून की कमी दूर करने में मदद करती है। यह अनाज ग्लूटेन  फ्री होता है जो वजन घटाने और शुगर कंट्रोल में फायदेमंद है।
  • ज्वार: ज्वार की रोटी ग्लूटेन फ्री है जो अपनी हाई फाइबर सामग्री के कारण पचने में बेहद हल्की होती है। यह पाचन में सुधार, वजन कम करने और ब्लड शुगर को स्थिर रखने के लिए बहुत फायदेमंद है। आयरन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर ज्वार, हृदय स्वास्थ्य के लिए भी अच्छी है।
  • रागी और मक्का: रागी और मक्का पूरी तरह से ग्लूटेन-फ्री ग्लूटेन संवेदनशीलता वाले लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प हैं। ये कैल्शियम, आयरन और फाइबर से भरपूर होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इन्हें रोटी, दलिया या डोसा के रूप में आहार में शामिल किया जा सकता है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। Satya Report किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है

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