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OTT पर ‘चिरैया’ देख मर्दों को क्यों लगी मिर्ची? सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा, इन गलतियों ने कर दिया बंटाधार

OTT पर ‘चिरैया’ देख मर्दों को क्यों लगी मिर्ची? सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा, इन गलतियों ने कर दिया बंटाधार

Divya Dutta Chiraiya Web Series: मैथिलीशरण गुप्त की पंक्तियों में जिस नारी पीड़ा की झलक मिलती है, वही सच्चाई आज भी कई घरों की चारदीवारी में कैद है। इसी सामाजिक सच्चाई को दिखाने की कोशिश करती है वेब सीरीज ‘चिरैया’, जिसमें दिव्या दत्ता मुख्य भूमिका में नजर आती हैं।

दरअसल, सीरीज का मुद्दा बेहद गंभीर है, जो मैरिटल रेप का है। यह एक ऐसा विषय है जिसे साबित करना मुश्किल होता है, क्योंकि बाहर से सब कुछ सामान्य दिखता है, लेकिन बंद दरवाजों के पीछे की सच्चाई कोई नहीं जानता। ‘चिरैया’ इस दर्द को दिखाने की कोशिश तो करती है, लेकिन उसका असर वैसा नहीं पड़ता जैसा होना चाहिए था।

‘चिरैया’ को लेकर सोशल मीडिया पर उठा सवाल

सबसे दिलचस्प और चिंताजनक बात यह है कि इतने सेंसेटिव टॉपिक पर बनी इस सीरीज के कुछ सीन्स सोशल मीडिया पर मीम्स बनकर वायरल हो रहे हैं। कुछ लोग इसे हल्के में लेते नजर आते हैं, जो समाज की बदलती सोच और भ्रमित नजरिए को भी उजागर करता है। इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर लड़कों की बाढ़ सी आ गई है, जो रिश्तों और मैरिटल रेप को लेकर सवाल उठा रहे हैं। साथ ही बदलते वक्त, सोच और आसपास की घटनाएं इस नजरिए को और हवा दे रही हैं।

कहानी एक ऐसी लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी शादी के बाद पहली ही रात उसका पति उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश करता है। हालांकि, आज के समय में कई महिलाएं पहले से ज्यादा जागरूक और मजबूत हो चुकी हैं। ऐसे में यह कहानी थोड़ी पुरानी सोच की लगती है, जो आज के दौर से पूरी तरह कनेक्ट नहीं कर पाती।

 

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ओटीटी पर भी पिटी वेब सीरीज

सीरीज की एक और बड़ी कमी इसकी धीमी रफ्तार है। इसे टीवी सीरियल की तरह खींचा गया है, जिससे दर्शकों को बोरियत महसूस हो सकती है। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जहां कंटेंट तेज और असरदार होना चाहिए, वहां ‘चिरैया’ लंबी और सुस्त लगती है। अगर इसे फिल्म के रूप में बनाया जाता, तो शायद ज्यादा प्रभावी होती।

जहां तक दिव्या दत्ता की बात है, उन्होंने किरदार को निभाने की कोशिश की है, लेकिन उनकी स्क्रीन प्रेजेंस उतनी मजबूत नहीं लगती जितनी उनसे उम्मीद थी। उनका रोल मुद्दे के हिसाब से दमदार हो सकता था, लेकिन वह पूरी तरह उभर नहीं पाया।

इसके बावजूद, ‘चिरैया’ एक जरूरी विषय को सामने लाती है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। अगर आप सामाजिक मुद्दों पर आधारित कहानियां देखना पसंद करते हैं, तो इसे एक बार जरूर देख सकते हैं।

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