CricketIndia

पाकिस्तान में महिला क्रिकेटर्स को मजदूरी से भी कम मेहनताना, भारत में बराबरी की मैच फीस

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने घरेलू महिला क्रिकेट को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए महिला खिलाड़ियों की मैच फीस में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है। अब महिला क्रिकेटर्स को घरेलू क्रिकेट में पुरुष खिलाड़ियों के समान मैच फीस मिलेगी। इस फैसले से महिला क्रिकेट को करियर के रूप में अपनाने वाली खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा और नई प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।

नए फैसले के तहत सीनियर लेवल के मल्टी-डे और वनडे मैचों में प्लेइंग इलेवन की महिला खिलाड़ियों को प्रति दिन 50 हजार रुपये दिए जाएंगे, जबकि रिजर्व खिलाड़ियों को 25 हजार रुपये प्रति मैच मिलेंगे। टी20 मुकाबलों में प्लेइंग इलेवन को 25 हजार और बेंच पर रहने वाली खिलाड़ियों को 12,500 रुपये का भुगतान किया जाएगा। जूनियर टूर्नामेंट्स में भी इसी तरह समानता बरकरार रखी गई है।

यह बढ़ोतरी पहले की तुलना में दोगुनी से भी ज्यादा है। पहले सीनियर महिला खिलाड़ियों को प्लेइंग इलेवन में खेलने पर 20 हजार और रिजर्व खिलाड़ियों को 10 हजार रुपये मिलते थे। बीसीसीआई के इस फैसले को महिला क्रिकेट के भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

दूसरी ओर पाकिस्तान में महिला घरेलू क्रिकेटर्स की हालत बेहद खराब है। वहां महिला खिलाड़ियों को प्रति मैच सिर्फ 20 हजार पाकिस्तानी रुपये मिलते हैं, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 6,400 रुपये के बराबर है। जूनियर स्तर पर यह रकम और भी कम हो जाती है। कॉन्ट्रैक्ट वाली महिला खिलाड़ियों को महीने का सिर्फ 35 हजार पाकिस्तानी रुपये रिटेनर मिलता है, जो वहां तय न्यूनतम मजदूरी से भी कम है।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इस साल चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी के बाद आर्थिक संकट के चलते खिलाड़ियों की सैलरी में कटौती कर दी थी। पहले महिला घरेलू क्रिकेटर्स को 25 हजार पाकिस्तानी रुपये मैच फीस मिलती थी, जिसे घटाकर 20 हजार कर दिया गया। इतना ही नहीं, कई बार महिला खिलाड़ियों को महीनों तक भुगतान भी नहीं किया जाता।

पाकिस्तान में महिला क्रिकेटर्स को घरेलू स्तर पर खेलने के मौके भी बेहद सीमित हैं, जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन पर पड़ता है। पाकिस्तान महिला टीम वनडे और टी20 रैंकिंग में आठवें स्थान पर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड का फोकस पुरुष क्रिकेट पर ज्यादा है, जबकि महिला क्रिकेट को लगातार नजरअंदाज किया गया है।

इसके उलट भारत में बीसीसीआई महिला और पुरुष खिलाड़ियों को न सिर्फ घरेलू बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी समान मैच फीस दे रहा है। यही वजह है कि भारत में महिला क्रिकेट तेजी से आगे बढ़ रहा है और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और सम्मान मिल रहा है।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply