
Controversial Films in Year 2025: मनोरंजन के लिहाज से साल 2025 जितना शानदार रहा, उतना ही यह विवादों से भरा भी रहा। इस साल बॉलीवुड से लेकर साउथ सिनेमा तक कई बड़ी फिल्में रिलीज हुईं, जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर तो कमाल किया, लेकिन रिलीज़ से पहले या बाद में उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा। ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, या प्रोपेगेंडा फैलाने जैसे आरोपों के चलते कई फिल्मों पर बैन लगाने की मांग हुई, कोर्ट में मामले दर्ज हुए और कुछ को सेंसर बोर्ड से कट भी झेलने पड़े।
साल 2025 की वो प्रमुख फ़िल्में जिन्होंने सबसे ज़्यादा हो-हल्ला मचाया, उनकी सूची यहाँ दी गई है।
विवादों की प्रकृति और कलाकारों का गुस्सा
ऐतिहासिक विवाद: ‘इमरजेंसी’, ‘छावा’, ‘फुले’ और ‘हरि हर वीरा मल्लू’ जैसी फ़िल्में इतिहास से जुड़े पात्रों और घटनाओं के चित्रण को लेकर आलोचना का शिकार हुईं। ‘छावा’ को विवादित डांस सीक्वेंस हटाना पड़ा, जबकि ‘फुले’ की रिलीज़ डेट टल गई।
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धार्मिक/सामुदायिक विरोध: ‘जाट’ में एक चर्च सीन को लेकर ईसाई समुदाय नाराज़ हुआ, वहीं ‘फुले’ में ब्राह्मण समुदाय के चित्रण पर आपत्ति जताई गई। ‘‘ पर हेट स्पीच फैलाने के आरोप लगे।
प्रतिबंध और कानूनी अड़चनें: ‘‘ पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तानी कलाकार के कारण भारत में रिलीज़ नहीं हो पाई। वहीं, ‘उदयपुर फाइल्स’ पर दिल्ली हाईकोर्ट ने रोक लगाई। ‘धुरंधर’ के मेकर्स को मेजर मोहित शर्मा के परिवार के विरोध के कारण कोर्ट जाना पड़ा, हालाँकि इसे काल्पनिक बताकर क्लियर कर दिया गया।
प्रोपेगैंडा का आरोप: विवेक रंजन अग्निहोत्री की ‘द बंगाल फाइल्स’ पर भी ‘प्रोपगैंडा’ फैलाने के आरोप लगे, जिसने पश्चिम बंगाल में कड़ा विरोध झेला।
साल 2025 ने साबित कर दिया कि भारतीय दर्शक सिनेमा को मनोरंजन से कहीं ज़्यादा समझते हैं, और फ़िल्मों में किसी भी तरह की ऐतिहासिक या धार्मिक छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं करेंगे।



