
ऐसे बढ़ाएं कमाई.
कई लोग मानते हैं कि नौकरी लगते ही SIP या FD शुरू कर देना सबसे सही वित्तीय फैसला है. लेकिन सच यह है कि यह रणनीति हर किसी पर लागू नहीं होती, खासतौर पर उन युवाओं पर जो 2025 हजार की शुरुआती सैलरी से करियर शुरू करते हैं. कम आय में बचत छोटी होती है और कंपाउंडिंग का असर बेहद धीमा रहता है. ऐसे में एक अलग रास्ता आपकी जिंदगी बदल सकता है और शुरूआत के 5 साल अगर आप इन चीजों पर पैसा खर्च करते हैं तो भविष्य में ज्यादा कमाई कर सकते हैं.
शुरुआती 5 साल में करें क्या?
इन 5 सालों को अपना ‘स्किल बिल्डिंग और ग्रोथ फेज’ बना दें. इस दौरान बचत योजनाओं की जगह दूसरी चीजों में पैसा लगाना फायदेमंद साबित होता है जैसे नए स्किल सीखें, प्रोफेशनल कोर्स करें, कम्युनिकेशन और प्रेजेंटेशन स्किल्स सुधारें, डिजिटल टूल्स, AI और डेटा एनालिसिस सीखें, इंडस्ट्री के लोगों से नेटवर्क बनाएं और ट्रैवल कर दुनिया को समझें. ये चीजें आपकी मार्केट वैल्यू बढ़ाती हैं और स्किल्स बढ़ने से अच्छा सैलरी जंप जल्दी मिलता है.
कम सैलरी में जल्दी निवेश बेअसर क्यों पड़ता है?
जब शुरुआती जॉब की सैलरी कम होती है, तो ज्यादातर पैसा किराया, खाने और जरूरी खर्चों में ही निकल जाता है. ऐसे में हर महीने मुश्किल से 1,000 से 5,000 तक की बचत होती है. यह रकम निवेश के लिए अच्छी नींव तो है, लेकिन करोड़ों का कॉर्पस बनाने के लिए बहुत कम है. कम पूंजी पर कंपाउंडिंग बहुत धीमी चलती है और सालों बाद भी रकम छोटी ही रहती है.
इसलिए ‘निवेश जल्दी करो’ वाली सलाह सबके लिए कुछ खास नहीं होती. खासकर तब, जब वही पैसा खुद की स्किल्स सुधारने में लगाया जाए तो इनकम कई गुना बढ़ सकती है और आगे चलकर निवेश करने का दायरा भी बढ़ जाता है.
5,000 रुपए बचाकर 5 साल में क्या हासिल होता है?
अगर हर महीने 5,000 रुपए SIP में डालें और 10% रिटर्न मानें, तो 5 साल में कुल रकम करीब 4.6 लाख बनती है. मतलब पाँच साल में एक लाख का ब्याज लाभ. यह धीरे-धीरे बढ़ने वाला ग्रोथ है, जो जीवन बदलने के लिए काफी नहीं है.




