
कुंडा, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके प्रस्तावित कार्यक्रमों पर आपत्ति जताते हुए प्रदेश सरकार और प्रशासन से इन्हें अनुमति नहीं देने की मांग की है। दूसरी ओर, कुंडा विधायक और जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने अपने क्षेत्र में धीरेंद्र शास्त्री की श्रीराम कथा आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है।
राजा भैया के कुंडा स्थित राजभवन बेंती में नवंबर महीने में तीन दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन प्रस्तावित है। इस दौरान धीरेंद्र शास्त्री कथा सुनाने के साथ दिव्य दरबार भी लगाएंगे। अखिलेश यादव की आपत्ति के बीच इस आयोजन ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
17 से 19 नवंबर तक प्रस्तावित है श्रीराम कथा
जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, राजभवन बेंती हवाई पट्टी स्थित योगीराज देवरहा बाबा कथा मंडपम में 17 से 20 नवंबर तक श्रीराम कथा आयोजित करने की जानकारी भी सामने आई है। प्रतिदिन दोपहर ढाई बजे से धीरेंद्र शास्त्री कथा करेंगे।
आयोजन को लेकर जारी आमंत्रण में भगवान श्रीराम के चरित्र, आदर्शों, त्याग, धर्म और जीवन-मूल्यों पर आधारित कथा में लोगों को परिवार सहित शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है। कार्यक्रम के दौरान दिव्य दरबार भी लगाए जाने की बात कही गई है।
अखिलेश यादव ने जताई आपत्ति
अखिलेश यादव ने 4 नवंबर को सोशल मीडिया पर धीरेंद्र शास्त्री के कथित विवादित बयानों को लेकर नाराजगी जाहिर की थी। उनका आरोप है कि शास्त्री की कुछ टिप्पणियों से यदुवंशियों और रघुवंशियों की भावनाएं आहत हुई हैं।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री का ब्रज और अवध में स्वागत नहीं होना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर उनके प्रवेश को रोकने वाला बोर्ड लगाए जाने जैसी टिप्पणी भी की।
अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से अपील की कि नवंबर और दिसंबर में प्रस्तावित उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों को अनुमति न दी जाए। इस दौरान उन्होंने अंबेडकरनगर, कुंडा, गोंडा, झांसी, लखनऊ और आगरा में होने वाले आयोजनों का भी उल्लेख किया।
कथित बयानों को लेकर शुरू हुआ विवाद
धीरेंद्र शास्त्री की कुछ टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हुई थी। इनमें भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी कथित टिप्पणियों पर विवाद खड़ा हुआ। अखिलेश यादव ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला बताते हुए विरोध दर्ज कराया।
विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र शास्त्री की ओर से सफाई भी दी गई। उन्होंने अपनी बात को गलत संदर्भ में समझे जाने की बात कही। हालांकि, इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी थमती नजर नहीं आ रही है।
राजा भैया ने ब्रजेश पाठक को दिया निमंत्रण
इधर, राजा भैया की ओर से श्रीराम कथा की तैयारियां जारी हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से मुलाकात कर उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया है। यह मुलाकात 3 नवंबर को हुई थी।
ब्रजेश पाठक ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया। हालांकि, अखिलेश यादव की आपत्ति और राजा भैया के आयोजन के ऐलान के बीच इस मुलाकात को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अब प्रशासन के फैसले पर टिकी नजर
एक ओर अखिलेश यादव धीरेंद्र शास्त्री के प्रस्तावित कार्यक्रमों को अनुमति नहीं देने की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी ओर कुंडा में श्रीराम कथा की तैयारियां आगे बढ़ रही हैं। ऐसे में अब सबकी नजर जिला प्रशासन के फैसले पर रहेगी।
फिलहाल कुंडा में प्रस्तावित कथा पर किसी आधिकारिक प्रतिबंध की जानकारी सामने नहीं आई है। आयोजन को प्रशासनिक अनुमति मिलेगी या नहीं और कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कैसी रहेगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
Satya Report Disclaimer: यह खबर उपलब्ध जानकारियों और सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। आयोजन की तारीखों और प्रशासनिक अनुमति से जुड़ी स्थिति में बदलाव संभव है।



