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अमृतसर रेप केस में 5 करोड़ की डील का दावा, परिवार के आरोप पर NHRC ने लिया संज्ञान..

अमृतसर रेप केस में 5 करोड़ की डील का दावा, परिवार के आरोप पर NHRC ने लिया संज्ञान..

चंडीगढ़: अमृतसर में दर्ज एक कथित दुष्कर्म मामले को लेकर लगाए गए गंभीर आरोपों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लिया है। पीड़ित पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया है कि केस को दबाने के लिए 5 करोड़ रुपये की मांग की गई। इन आरोपों में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर का नाम भी सामने आया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन पर लगे आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं।

NHRC ने मामले में पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को जांच कर 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करने को कहा है। आयोग ने मामले को केंद्रीय गृह मंत्रालय के महिला सुरक्षा प्रभाग के समक्ष भी भेजा है।

पीड़ित परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

बताया जा रहा है कि पीड़ित पक्ष ने NHRC के साथ-साथ पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का भी रुख किया था। परिवार ने अमृतसर के सिविल लाइंस थाने में दर्ज FIR संख्या 77, दिनांक 29 अप्रैल 2026, की जांच को लेकर स्थानीय पुलिस पर पक्षपात और दबाव बनाने के आरोप लगाए।

परिवार का आरोप है कि महिला को शादी का झांसा देकर कथित तौर पर अगवा किया गया, उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए गए और आपत्तिजनक तस्वीरें सार्वजनिक करने की धमकी देकर उसे कथित तौर पर ब्लैकमेल किया गया।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि FIR को रद्द कराने के लिए उन पर दबाव बनाया गया और इस पूरी प्रक्रिया में प्रभावशाली लोगों की भूमिका रही। हालांकि, राज्य और अन्य निजी पक्षों की ओर से इन आरोपों से इनकार किए जाने की बात भी सामने आई है।

हाई कोर्ट के आदेश में क्या दर्ज है?

मामले से जुड़े पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश में राजनीतिक प्रभाव, शिकायतकर्ता के परिवार पर कथित दबाव और FIR को रद्द कराने के प्रयासों से संबंधित आरोपों का उल्लेख किया गया है।

हालांकि, हाई कोर्ट का आदेश डॉ. गुरप्रीत कौर या किसी अन्य व्यक्ति को इन आरोपों में दोषी घोषित नहीं करता। ऐसे में आरोपों को फिलहाल जांच के दायरे में माना जाना चाहिए।

NHRC ने 15 दिन में मांगी रिपोर्ट

NHRC की पीठ, जिसकी अध्यक्षता सदस्य प्रियंक कानूनगो ने की, के सामने पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजीत सिंह की ओर से शिकायत रखी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि रेप केस को कथित तौर पर दबाने के बदले 5 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई।

आयोग ने आरोपों को गंभीर बताते हुए पंजाब के मुख्य सचिव और DGP को मामले की जांच कराने तथा 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

NHRC की कार्रवाई के बाद अब इस मामले में जांच रिपोर्ट का इंतजार है। फिलहाल 5 करोड़ रुपये की मांग और डॉ. गुरप्रीत कौर की कथित भूमिका से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अंतिम स्थिति जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

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