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आयुष्मान योजना पर योगी सरकार सख्त, इलाज के नाम पर गड़बड़ी करने पर ब्लैकलिस्ट होंगे अस्पताल

लखनऊ, अमृत विचार। आयुष्मान भारतप्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए योगी सरकार ने अस्पतालों पर शिकंजा कस दिया है। योजना से जुड़े सभी सूचीबद्ध अस्पतालों के लिए आपत्तिजनक कार्यप्रणाली विरोधी दिशानिर्देशों का पालन अनिवार्य किया गया है। लाभार्थी से अवैध वसूली, बिना इलाज बिल लगाने, गलत लाभार्थी के नाम उपचार दर्ज करने, अनावश्यक इलाज और तय गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं करने पर अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्टेट हेल्थ एजेंसी की ओर से अस्पतालों को दिशानिर्देशों की जानकारी दी जा रही है। सभी सूचीबद्ध अस्पताल साचीज की आधिकारिक वेबसाइट पर दिशानिर्देश देख और डाउनलोड कर सकते हैं। अस्पतालों को अपने डॉक्टर, नर्सिंग, बिलिंग और प्रशासनिक स्टाफ को भी नियमों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।

पहली गलती पर जुर्माना, तीसरी पर ब्लैकलिस्टिंग

लाभार्थी से अवैध नकद भुगतान लेने पर पहली बार पूरी राशि लौटाने के साथ अवैध भुगतान का पांच गुना दंड लगाया जा सकता है। दूसरी बार क्लेम निरस्त करने और अस्पताल के निलंबन तथा तीसरी बार डीएम्पैनलमेंट या ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई होगी। बिना सेवा दिए बिल लगाने पर पहली बार क्लेम निरस्तीकरण के साथ पांच गुना तक दंड, दूसरी बार दस गुना तक दंड और निलंबन तथा तीसरी बार डीएम्पैनलमेंट या ब्लैकलिस्टिंग का प्रावधान है। अपकोडिंग, अनबंडलिंग और अनावश्यक प्रक्रियाओं के मामले में पहली बार अतिरिक्त क्लेम राशि का दस गुना और दूसरी बार 20 गुना तक दंड एवं निलंबन किया जा सकता है। तीसरी बार डीएम्पैनलमेंट या ब्लैकलिस्टिंग होगी।

गलत लाभार्थी पर भी कार्रवाई

गलत लाभार्थी की पहचान या उसके नाम पर इलाज दर्ज करने पर पहली बार पांच गुना और दूसरी बार दस गुना तक दंड एवं निलंबन का प्रावधान है। तीसरी बार डीएम्पैनलमेंट या ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई की जा सकती है।

गुणवत्ता में कमी पर भी कार्रवाई

न्यूनतम एम्पैनलमेंट, गुणवत्ता और सेवा मानकों में कमी मिलने पर पहले कारण बताओ नोटिस देकर सुधार का अवसर मिलेगा। सुधार नहीं होने पर क्लेम निरस्तीकरण, तीन गुना तक दंड और निलंबन हो सकता है। दूसरी बार पांच गुना तक दंड और निलंबन तथा तीसरी बार डीएम्पैनलमेंट का प्रावधान है। साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने अस्पतालों से दिशानिर्देशों को दैनिक कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाने और क्लेम, उपचार व दस्तावेजों की नियमित आंतरिक समीक्षा करने की अपील की है।

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