सोने की कीमतों में जारी तेजी ने भारतीय परिवारों के बंद पड़े लॉकर्स की चाबियां घुमा दी हैं. देश भर में तेज हुए सोने के भाव का मुनाफा भुनाने के लिए लोग अपने पुराने गहने बेचकर और कैश कराकर जमकर प्रॉफिट बुकिंग कर रहे हैं. ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेशनल और घरेलू बाजार में भारतीय सराफा बाजार में ‘ओल्ड गोल्ड’ रिसाइकलिंग में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है. ज्वेलर्स और गोल्ड रिफाइनर्स के पास पुराने सोने की आवक अचानक बढ़ गई है. जहां आम कंज्यूमर्स ऊंची कीमतों का फायदा उठाकर नकदी जुटा रहे हैं. वहीं ज्वेलर्स का कहना है कि रिसाइक्लिंग गोल्ड की सप्लाई बढ़ने से महंगे आयातित सोने पर निर्भरता घटाने में मदद मिल रही है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर ओल्ड गोल्ड को लेकर किस तरह का ट्रेंड देखने को मिल रहा है.

कैशफॉरगोल्ड स्कीम शुरू
अगस्त में अब तक पुराने सोने के बदले कैश लेने वाले ट्रांज़ैक्शन का हिस्सा बढ़कर कुल कारोबार का लगभग 20 फीसदी हो गया है, जो एक साल पहले सिर्फ 5% था. ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि भारतीय रिकॉर्ड कीमतों और बढ़ती महंगाई के बीच घर में रखे सोने को बेचकर कैश हासिल कर रहे हैं.
सोने की कीमतें 1.6 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के पार चली गई हैं और इस महीने अब तक इनमें 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. ग्राहक खर्चों को पूरा करने के लिए घर में रखे सोने को बेच रहे हैं और साथ ही इस अनिश्चितता के बीच मुनाफा भी पक्का करना चाहते हैं कि यह तेजी कब तक चलेगी.
मंगलवार को मुंबई के स्पॉट मार्केट में सोना 1.62 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था. कल्याण ज्वैलर्स और तनिष्क ने जून से ‘कैशफॉरगोल्ड’ के विकल्प शुरू किए हैं या उनका विस्तार किया है, जबकि जोयालुक्कास भी ग्राहकों को यह सुविधा देता है. इस कदम से एक ऐसी सर्विस ऑर्गनाइज़्ड रिटेल सेगमेंट में आ गई है जो पारंपरिक रूप से छोटे और क्षेत्रीय ज्वैलर्स से जुड़ी थी.
कैश डील्स में 20 फीसदी का इजाफा
ज्वैलर्स का कहना है कि अगस्त में कैश डील्स में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है क्योंकि परिवार बढ़ते खर्चों को पूरा करने के लिए पुराना सोना बेच रहे हैं. इस मॉडल के तहत, ग्राहक नई खरीदारी के लिए एक्सचेंज करने के बजाय रिटेलर्स को पुराने गहने कैश के लिए बेचते हैं. ज्वैलर्स के लिए, यह प्रोग्राम रीसाइकल किए गए सोने को हासिल करने का एक और जरिया देता है, ऐसे समय में जब रिकॉर्ड कीमतें नए सोने की खरीदारी पर असर डाल रही हैं.
कल्याण ज्वैलर्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रमेश कल्याणरमन ने कंपनी की Q1 एनालिस्ट कॉल में कहा कि कैशफॉरगोल्ड का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है, और इससे मार्जिन में होने वाली कमी की भरपाई होनी चाहिए. कंपनी ने कहा कि उसके कारोबार में कैशफॉरगोल्ड का हिस्सा जून तिमाही में सिंगल डिजिट से बढ़कर डबल डिजिट में पहुंच गया है.
गोल्ड ट्रेड एनालिस्ट भार्गव वैद्य ने कहा कि कस्टमर धीरेधीरे यह समझ रहे हैं कि वे घर में रखे सोने का इस्तेमाल दूसरी चीजें खरीदने के लिए कर सकते हैं. महंगाई का दबाव भी लोगों को अपने घर में रखे सोने का कुछ हिस्सा बेचने के लिए मजबूर कर रहा है.
यह बदलाव तब आया है जब सोने की रिकॉर्ड कीमतें कस्टमर के व्यवहार को बदल रही हैं. जहां महंगे सोने ने कुछ ग्राहकों को नए गहने खरीदने से रोका है, वहीं इसने घर में पहले से मौजूद सोने की वैल्यू भी बढ़ा दी है, जिससे वे कैश हासिल करने का एक आकर्षक जरिया बन गए हैं.
ज्वैलर्स का कहना है कि कैश ट्रांजैक्शन में बढ़ोतरी खास तौर पर उन ग्राहकों के बीच दिख रही है जो पुराने गहनों को नए गहनों से एक्सचेंज करने के बजाय मौजूदा कीमतों का फायदा उठाना चाहते हैं.
तीन महीने के हाई पर गोल्ड
दक्षिण भारत में 67 स्टोर चलाने वाली कंपनी ‘जोस अलुक्कास’ के मैनेजिंग डायरेक्टर वर्गीस अलुक्कास ने मीडिया रिपोर्ट में कहा कि पिछले चार दिनों में ग्राहकों की संख्या बढ़ी है क्योंकि उन्हें लगता है कि अगर आने वाले दिनों में कीमतें और नहीं बढ़ती हैं, तो उन्हें मौजूदा कीमतों का फायदा उठा लेना चाहिए.
इंटरनेशनल मार्केट में, सोने और चांदी की कीमतें तीन महीने से ज्यादा समय के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद मंगलवार को नीचे आ गईं. ट्रेडर्स की नजरें अमेरिका के आने वाले महंगाई के आंकड़ों और इस हफ्ते के आखिर में फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के भाषण पर टिकी हैं.
फेडरल रिज़र्व ने अभी तक महंगाई को लेकर सख्त रुख अपनाने का कोई साफ संकेत नहीं दिया है, जबकि डॉलर की वैल्यू घटने की चिंताओं से आने वाले हफ़्तों में सोने की कीमतों को सहारा मिलने की उम्मीद है.


