
नवादा: बिहार के नवादा में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां 69 वर्षीय एलआईसी एजेंट को जांच एजेंसी और अदालत के नाम पर डराकर कथित तौर पर छह दिनों तक डिजिटल अरेस्ट के जाल में रखा गया। ठगों की धमकियों में आकर पीड़ित ने तीन अलग-अलग बैंक खातों में कुल 25.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगी का एहसास होने के बाद उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
फोन पर लगाया मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
जानकारी के अनुसार, नवादा के पटेल नगर निवासी एलआईसी एजेंट किशोरी प्रसाद गुप्ता को 9 अक्टूबर को एक फोन आया था। कॉल करने वालों ने कथित तौर पर खुद को जांच एजेंसी से जुड़ा बताते हुए उन पर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में शामिल होने का आरोप लगाया।
ठगों ने उन्हें गिरफ्तारी और बैंक खाते बंद किए जाने की धमकी दी। साथ ही, मामले से बचने के नाम पर अदालत में पैसे जमा कराने की बात कही। इस तरह उन्हें डराकर लगातार संपर्क में रखा गया।
तीन किस्तों में ट्रांसफर कराए 25.50 लाख रुपये
पीड़ित के मुताबिक, ठगों के दबाव में उन्होंने 12 से 14 अक्टूबर के बीच तीन बार रकम ट्रांसफर की।
- 12 अक्टूबर: 11.50 लाख रुपये
- 13 अक्टूबर: 7 लाख रुपये
- 14 अक्टूबर: 7 लाख रुपये
इस तरह कुल 25.50 लाख रुपये तीन अलग-अलग खातों में भेजे गए। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें दिल्ली के बैंक ऑफ इंडिया, ओडिशा के भंजनगर स्थित एक बैंक और बक्सर के सिक्का एंटरप्राइजेज से जुड़ा खाता शामिल है।
ठगी का एहसास होने पर साइबर थाने पहुंचे
रकम गंवाने के बाद किशोरी प्रसाद गुप्ता ने 22 अक्टूबर को नवादा साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। डीएसपी शाहनवाज अख्तर के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी में किन लोगों की भूमिका थी और रकम किन खातों में पहुंची।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ऐसे बचें
ध्यान रखें कि फोन या ऑनलाइन कॉल पर खुद को पुलिस, सीबीआई या अदालत का अधिकारी बताकर गिरफ्तारी की धमकी देना साइबर ठगी का तरीका हो सकता है। किसी भी दबाव में पैसे ट्रांसफर न करें। संबंधित एजेंसी से आधिकारिक माध्यमों के जरिए पुष्टि करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
सत्य रिपोर्ट नोट: यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच जारी है और आरोपियों की पहचान व भूमिका की अंतिम पुष्टि जांच के बाद होगी।
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