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;ऐेसे तो सारी सीट जीत जाएगी बीजेपी, अभिजीत दीपके की अपील पर TMC सांसद का जवाब’

;ऐेसे तो सारी सीट जीत जाएगी बीजेपी, अभिजीत दीपके की अपील पर TMC सांसद का जवाब’

टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने अभिजीत दीपके की अपील पर जवाब देते हुए कहा कि अगर विपक्ष चुनाव नहीं लड़ेगा तो बीजेपी सारी सीटें जीत लेगी और फिर मनमाने कानून बनाएगी। यह जनता के साथ विश्वासघात होगा।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को विपक्षी दलों से अपील की कि यदि उन्हें लगता है कि चुनावी प्रक्रिया में धांधली हो रही है, तो उन्हें ऐसे चुनावों में भाग लेना बंद कर देना चाहिए। इसका जवाब देते हुए तृणमूल कांग्रेस के संयुक्त सचिव डेरेक ओ ब्रायन ने शुक्रवार को कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए विपक्षी दलों को चुनाव लड़ते रहना चाहिए और साथ ही स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए संघर्ष करना चाहिए।

जनता के साथ विश्वासघात होगा

ओ ब्रायन ने ‘एक्स’ पर कहा, “विपक्ष के चुनाव बहिष्कार करने से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सभी सीट जीत जाएगी। ऐसा होने के बाद वे अपने सभी अपराधों को वैध बनाने के लिए संविधान में संशोधन कर देंगे।” उन्होंने कहा कि चुनाव से दूर रहने का मतलब जमीन पर काम कर रहे पार्टी समर्थकों के साथ विश्वासघात करना भी होगा। तृणमूल नेता ने कहा, “चुनाव नहीं लड़ना जमीन पर अपनी जान जोखिम में डालकर संघर्ष कर रहे लाखों कार्यकर्ताओं के साथ विश्वासघात करना भी होगा।”

ओ ब्रायन ने कहा, “इसीलिए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए चुनाव लड़ना जरूरी है और साथ ही स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए भी संघर्ष करते रहना चाहिए।” उन्होंने कहा था कि विपक्ष की भागीदारी ऐसे चुनावों को वैधता प्रदान करती है। दीपके ने कहा था, “आप यह नहीं कह सकते कि खेल में हेरफेर है और फिर भी आप उसमें खेलते रहें।”

अभिजीत दीपके ने क्या कहा था

अभिजीत दीपके ने कहा था कि, ”हां, चुनावों में धांधली हो रही है। लेकिन जब आप धांधली वाले चुनावों में लगातार हिस्सा लेते हैं, तो आप इन चुनावों को वैधता प्रदान करते हैं और यह भ्रम बनाए रखने में मदद करते हैं कि ये चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हैं।” दीपके ने सवाल उठाया कि क्या विपक्षी दल इसलिए चुनाव लड़ते रहते हैं क्योंकि उन्हें डर है कि चुनाव से दूर रहने पर उनका राजनीतिक अस्तित्व खत्म हो सकता है।

उन्होंने कहा, ” शायद आप इसलिए चुनाव लड़ते रहते हैं क्योंकि आपको डर है कि अगर आपने चुनाव नहीं लड़ा, तो आपका अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा। लेकिन जब वोट चुराए जा रहे हों, आपके विधायकों और सांसदों को अपने पाले में किया जा रहा हो और आपकी पार्टियों में फूट डाली जा रही हो, तब आप किस तरह के अस्तित्व को बचाने की कोशिश कर रहे हैं?”

दीपके ने कहा, ” यह राजनीतिक अस्तित्व बचाना नहीं है। आप बस ऐसी व्यवस्था में टिके रहने की कोशिश कर रहे हैं, जो जब चाहे आपको कमजोर कर सकती है, आपकी पार्टी को विभाजित कर सकती है या आपके निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपने साथ ले जा सकती है। आप इस तरह आखिर कब तक टिक पाएंगे?”

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