उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के शिवा शर्मा हत्याकांड के बाद पुलिस के साथ लुकाछिपी खेल रही श्रद्धा दुबे को आखिरकार मंगलवार दोपहर को यूपी एसटीएफ ने महाराष्ट्र के नागपुर में दबोच लिया. यूपी एसटीएफ ने महाराष्ट्र पुलिस की मदद से उसे बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश के साथ एक होटल से अरेस्ट किया है. अब एसटीएफ की टीम नागपुर कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड पर उसे लखनऊ ला रही है.

11 दिन से फरार श्रद्धा दुबे का लखनऊ पुलिस कोई सुराग तक नहीं लगा पा रही थी. फिर सोमवार को मामला एसटीएफ को दिया गया और महज 12 घंटे के अंदर उसे दबोच लिया गया. ऐसे में सवाल यह है कि एसटीएफ को अचानक इतनी बड़ी सफलता कैसे मिली? इसके पीछे भी बड़ी कहानी है. आइए, शुरू से शुरू करते हैं.
कैसे भागी श्रद्धा दुबे?
9 अक्टूबर की रात श्रद्धा के फ्लैट से शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हुई थी. शिवा शर्मा जब श्रद्धा के फ्लैट से नीचे गिरा तो उसे देखने के लिए सबसे पहले श्रद्धा का ड्राइवर नीचे उतरा. इसके बाद श्रद्धा और उसकी बहन रश्मि आए. फिर शिवा को केजीएमयू ले जाया गया, जहां से श्रद्धा के ड्राइवर दानिश ने शिवा की मां को फोन कर घटना की जानकारी दी. वहां शिवा के परिजनों और दानिश के बीच झड़प भी हुई. इसी दौरान मौका देखकर श्रद्धा, रश्मि और दानिश फरार हो गए.
बहराइच के रास्ते भागी नेपाल
केजीएमयू से श्रद्धा भागकर बहराइच पहुंची, वहां उसने अपनी गाड़ी छोड़ दी और किराए की गाड़ी से महराजगंज में सोनौली बॉर्डर के रास्ते 10 अक्टूबर को नेपाल चली गई. नेपाल से उसका प्लान दुबई भागने का था, लेकिन व्यवस्था नहीं बन पायी तो वह वापस भारत लौट आई. फिर वह कुछ दिन यूपी बॉर्डर के किसी जिले में कुछ दिन रही और फिर लखनऊ आ गई. यहां उसने अपने किसी जानकार के पास शरण लिया था. फरारी के दौरान उसका एक सीसीटीवी फुटेज रायबरेली से भी आया है.
18 अक्टूबर को मीडिया के सामने आई
पुलिस सूत्रों के मुताबिक नेपाल से लौटने के बाद से ही श्रद्धा सरेंडर की कोशिश में जुटी थी. वह चाहती थी कि शिवा शर्मा मर्डर केस को सुसाइड में बदल दिया जाए. इसके साथ ही उसने खुद को सरकारी गवाह बनाने और बहन रश्मि को मामले से बाहर करने की शर्त रखी थी. इसी क्रम में 18 अक्टूबर को उसने एक मॉल के बेसमेंट में न्यूज एजेंसी एएनआई को वीडियो बाइट भी दिया, लेकिन कहा जा रहा है कि पुलिस ने उसकी शर्तें नहीं मानी. जिसकी वजह से वह एक बार फिर फरार हो गई.
मीडिया को बयान देने के बाद एक्शन
श्रद्धा का बयान मीडिया में वायरल होने के बाद पुलिस की बड़ी किरकिरी हुई. आनन फानन में हजरतगंज कोतवाल, डीसीपी सेंट्रल और फिर सीओ हजरतगंज को हटाया गया. इसी के साथ मौखिक तौर पर मामला यूपी एसटीएफ को सौंप दिया गया. एसटीएफ चीफ अमिताभ यश ने मामला हाथ में आने के कुछ घंटे के अंदर ही श्रद्धा की लोकेशन नागपुर में ट्रेस कर ली और फिर टीम भेजकर 12 घंटे के अंदर उसे अरेस्ट करा लिया.
लखनऊ से कैसे पहुंची नागपुर?
लखनऊ में मीडिया के बयान देने के बाद श्रद्धा दुबे कैसे नागपुर पहुंची, यह अभी तक क्लीयर नहीं हैं. हालांकि पुलिस सूत्रों के मुताबिक वह लखनऊ एक्सप्रेसवे से आगरा आई और यहां से नागपुर के लिए निकल गई. आगरा के एक सीसीटीवी फुटेज में वह बुर्का पहने नजर आ रही है.बताया जा रहा है कि वह यहां होटल ओम पैलेस में अपने साथियों के साथ रुकी थी.


