नई दिल्ली : फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल करने और उसे आगे पास करने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार तड़के बड़ी कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों के मुताबिक, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट , 2002 के तहत मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और फरीदाबाद में कुल 9 ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है।

ED के लखनऊ जोनल कार्यालय की टीम ने जम्बूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इंपोर्ट्स लिमिटेड से जुड़े मामले में यह कार्रवाई की है। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित इकाई पर बिना माल की वास्तविक आवाजाही के फर्जी चालान और ईवे बिल तैयार कर फर्जी ITC हासिल करने और उसे आगे पास करने का आरोप है।
जांच में कई फर्जी और कागजी कंपनियों के जरिए बड़े पैमाने पर सर्कुलर ट्रांजेक्शन, फंड की तेजी से लेयरिंग और नकदी निकासी का पता चला है। अधिकारियों के मुताबिक, GST अधिकारियों की जांच में करीब 9.63 करोड़ रुपये का ITC कथित तौर पर गलत तरीके से हासिल करने और 10.28 करोड़ रुपये का ITC आगे पास करने की बात सामने आई है।
जांच एजेंसी के अनुसार, फर्जी लेनदेन और ITC के इस नेटवर्क के चलते सरकारी खजाने को राजस्व का नुकसान हुआ। अवैध तरीके से हासिल की गई रकम को PMLA के तहत ‘अपराध से हुई कमाई’ के दायरे में माना जा रहा है।
ED की टीमें छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य संबंधित साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। एजेंसी फर्जी कंपनियों के नेटवर्क, उनके बीच हुए लेनदेन और रकम के प्रवाह की कड़ियों को खंगाल रही है।
तलाशी के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ED आगे की कार्रवाई कर सकती है। अधिकारियों के मुताबिक, पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों और कंपनियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।



