
गर्मियों के मौसम में जब पारा चढ़ता है, तो न सिर्फ इंसान बल्कि बेजुबान जानवर और पक्षी भी पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसने लगते हैं. ऐसे में वो पानी की तलाश में घरों में घुस जाते हैं. ऐसा ही एक मामला ब्रिटेन के ससेक्स में सामने आया. यहां पर एक महिला जब बाथरूम में घुसी, तो उसे अजीब आवाज सुनाई दी. ऐसे में महिला ने टॉयलेट सीट के अंदर झांक कर देखा, तो उसकी चीख निकल गई. वहां पर एक अनजाना मेहमान फंसा हुआ था. पहली बार तो महिला डर गई, लेकिन बाद में ब्रिटेन की सबसे बड़ी चमगादड़ प्रजातियों में से एक सेरोटिन बैट का रेस्क्यू किया गया. रेस्क्यू करने वाली टीम का कहना था कि भीषण गर्मी में पानी की तलाश करते हुए वहां तक पहुंच गया था.
बाथरूम की खुली खिड़की से घर के अंदर घुसे इस उड़ने वाले जीव का नाम बाद में रेस्क्यू करने वाली टीम ने प्यार से लुईस रखा. वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट का कहना है कि जब बाहर कड़ाके की धूप और गर्मी होती है, तो चमगादड़ अक्सर पानी की गंध सूंघते हुए इंसानी घरों की नालियों, वेंटिलेटर या खुली खिड़कियों के जरिए अंदर दाखिल हो जाते हैं. टॉयलेट के पानी में गिरने के बाद वह बुरी तरह फंस गया था और बाहर निकलने में असमर्थ था, जिससे वह डिहाइड्रेशन और भुखमरी का शिकार होकर बेहद कमजोर हो चुका था. घटना के बाद महिला ने बिना घबराए ससेक्स वाइल्डलाइफ ट्रस्ट के सोशल मीडिया चैनल के जरिए वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स से संपर्क किया. वहां से मिले निर्देशों के बाद ससेक्स बैट ग्रुप के वालंटियर्स को मदद के लिए बुलाया गया.
महिला ने बेहद सावधानी बरतते हुए बगीचे के एक औजार की मदद से उस कमजोर चमगादड़ को टॉयलेट बाउल के पानी से बाहर निकाला और तौलिए से सुखाया. अपना नाम न छापने की शर्त पर महिला ने बताया कि इस घटना से उन्हें चमगादड़ों के बारे में बहुत कुछ नया सीखने को मिला, जैसे कि गर्मी में पानी न मिलने से वे बहुत जल्द डिहाइड्रेट हो जाते हैं और बिल्लियां उनके घायल होने की सबसे बड़ी वजह बनती हैं. इसके बाद लुईस नाम के इस चमगादड़ को ससेक्स बैट हॉस्पिटल की एक्सपर्ट अमैंडा मिलर की देखरेख में भेजा गया. अमैंडा ने पुष्टि की कि यह सेरोटिन प्रजाति का चमगादड़ है, जो ब्रिटेन में पाए जाने वाले सबसे बड़े चमगादड़ों में से एक माना जाता है.
अस्पताल पहुंचने पर यह बहुत दुबला और थका हुआ था. डॉक्टरों की टीम ने उसे पूरे एक हफ्ते तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा, जहां उसे कीड़ों की पौष्टिक खुराक दी गई. नियमित देखभाल और सही भोजन मिलने से लुईस की सेहत में तेजी से सुधार हुआ और वह उड़ने के काबिल हो गया. एक हफ्ते के इलाज के बाद जब डॉक्टरों को यकीन हो गया कि लुईस पूरी तरह स्वस्थ है, तो शाम के समय उसे उसी महिला के घर के बैकयार्ड में ले जाया गया, जहां वह मिला था. अंधेरा होते ही जैसे ही उसे छोड़ा गया, वह खुशी से पंख फड़फड़ाता हुआ आसमान की गहराइयों में उड़ गया. महिला ने बाद में आसमान में एक चमगादड़ को मंडराते हुए देखा, जो शायद लुईस ही था और अपने प्राकृतिक ठिकाने की ओर वापस लौट रहा था.



