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​बेबी को नहलाते वक्त किन 5 बातों का जरूर रखें ध्यान, डॉक्टर से जानें

नवजात शिशु की देखभाल करना बेहद सावधानियों भरा काम होता है. शुरुआत में शिशु को हर दिन नहलाना जरूरी नहीं होता है, लेकिन जब बच्चा थोड़ा बड़ा होता है तो हफ्ते में कम से कमी तीन बार नहलाने की जरूरत पड़ती है. खासकर 1 या 2 महीने नहलाते वक्त आपको ज्यादा ध्यान रखना चाहिए, जब तक गर्भनाल का स्टंप खुद सूखकर अलग न हो जाए तब तक बच्चों को सीधे पानी में नहलाने से बचना चाहिए. इस दौरान स्पंज बाथ ज्यादा बेस्ट मानी जाती है. इसके बाद भी कम से कम 10 महीने तक के बच्चे को नहलाने के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है.

​बेबी को नहलाते वक्त किन 5 बातों का जरूर रखें ध्यान, डॉक्टर से जानें

पीडियाट्रिशियन डॉक्टर रवि मलिक के मुताबिक, बच्चे को नहलाना एक आम काम लग सकता है, लेकिन कुछ आम गलतियों से बच्चा जल सकता है, उसकी त्वचा में जलन या इन्फेक्शन हो सकता है, या उसके नाक में पानी भी जा सकता है जो बहुत नुकसानदायक होता है. उन्होंने 5 बातें बताई हैं जिनका हर पेरेंट्स को बेबी बाथ के दौरान ध्यान रखना चाहिए.

पानी का टेम्परेचर करें चेक

डॉक्टर रवि मलिक कहते हैं कि बच्चे को नहलाने से पहले हमेशा पानी का तापमान चेक करें. अपनी कलाई या कोहनी से पानी को टेस्ट करके पक्का कर लें कि ये नॉर्मल है या नहीं यानी न ज़्यादा गर्म और न ही ज़्यादा ठंडा. गर्म पानी से बेबी की त्वचा जल सकती है और ठंडे पानी से हाइपोथर्मिया हो सकता है.

सिर पर पानी डालने में सावधानी

जब आप बच्चे को नहलाते वक्त उसके सिर पर पानी डाल रहे हो तो हमेशा सिर स्ट्रेट होना चाहिए ताकि पानी पीछे की तरफ ही गिरे ये बहते हुए बेबी की नाक या मुंह तक न पहुंचे. नाक से पानी लंग्स में पहुंच सकता है, जिससे बच्चे को काफी परेशानी हो सकती है.

रोज न लगाएं साबुन

डॉक्टर कहते हैं कि बेबी को नहलाते वक्त रोजाना साबुन का इस्तेमाल करने से बचें. बारबार साबुन लगाने से बच्चे की कोमल त्वचा रूखी हो सकती है और उसमें जलन हो सकती है. दरअसल बच्चे की स्किन पर नेचुरल ऑयल की लेयर होती है और रोज साबुन लगाने से ये तेल हट जाता है, जिससे स्किन ड्राई होने लगती है और इसमें क्रैक पड़ सकते हैं. कुछ दिनों के अंतराल पर अगर साबुन लगा भी रहे हैं तो बिना फ्रेगरेंस वाला सोप ही इस्तेमाल करें.

इन जगहों को अच्छी तरह पोछें

बच्चे को नहलाने के बाद पूरा शरीर अच्छी तरह सुखाना जरूरी होता है. खासकर गर्दन, बगल और जांघों के बीच के हिस्से जैसी जगहों पर पर खास ध्यान दें. इसे अच्छी तरह से पोछें क्योंकि वहां नमी जमा रहने से बच्चे को फंगल इंफेक्शन हो सकता है.

गलती से भी अकेला न छोड़ें

अब छोटे बच्चों को नहलाने के लिए बाजार में कई बाथटब मिल जाते हैं. लेकिन इसमें भी बच्चे को 1 सेकंड के लिए भी गलती से कभी अकेला न छोड़ें. इसी के साथ एक बाथ टब को कभी भी ज्यादा नहीं भरना चाहिए. इससे बच्चे का उसमें फिसलने का डर बहुत ज्यादा रहता है.

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