
नई दिल्ली: जर्मनी से भारत आए यूट्यूबर ध्रुव राठी से जुड़े दो अलग-अलग कानूनी मामले चर्चा में हैं। एक ओर वर्ष 2018 के मानहानि मामले में दिल्ली की साकेत अदालत ने उनके खिलाफ दोबारा समन जारी किया है। वहीं, भगवान राम और माता सीता को लेकर किए गए एक पुराने दावे से संबंधित सामग्री पर भी अदालत में नई याचिका दायर की गई है। हालांकि, इन मामलों में कानूनी प्रक्रिया जारी है और आरोपों को अदालत का अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता।
2018 के मानहानि मामले में फिर जारी हुआ समन
दिल्ली की साकेत अदालत में बीजेपी आईटी सेल के सदस्य विकास पांडे की ओर से दायर मानहानि शिकायत पर सुनवाई के दौरान ध्रुव राठी को तलब करने की मांग की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने 12 अक्टूबर 2026 के आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता लंबे समय से आरोपी तक समन पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।
अदालत ने बताया कि इस मामले में पहली बार जुलाई 2019 में समन जारी किया गया था। अब समन को गुरुग्राम स्थित राठी के पते पर भेजने का निर्देश दिया गया। शिकायतकर्ता के वकीलों ने उनके घर पर समन चस्पा किए जाने की जानकारी दी है।
यह मामला वर्ष 2018 में दर्ज मानहानि शिकायत से जुड़ा है। समन जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि अदालत ने राठी को दोषी ठहरा दिया है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान पक्षों की बात सुनी जाएगी।



