
रात का सन्नाटा था। घर में एक कारोबारी अपनी पत्नी के साथ मौजूद था और दूसरे कमरे में उसकी मां सो रही थी। अचानक घर में हुई एक वारदात की खबर फैली। बताया गया कि बदमाश घर में घुसे, गहने लूटे और पति पर जानलेवा हमला करके फरार हो गए। पत्नी ने भी अपनी आपबीती सुनाई। उसके हाथ-पैर बांधे जाने और मुंह बंद किए जाने की बात सामने आई। पहली नजर में मामला लूटपाट के दौरान हुई हत्या जैसा लग रहा था।
लेकिन इस कहानी में एक ऐसा मोड़ आने वाला था, जिसने पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े कर दिए।
घर में मिली खौफनाक वारदात की खबर
मध्य प्रदेश के धार जिले के एक गांव में मिर्च कारोबारी की हत्या का मामला सामने आया था। कारोबारी की पहचान देवकरण पुरोहित के रूप में हुई थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, घर में लुटेरों के घुसने और दंपति पर हमला करने की बात कही गई। कारोबारी गंभीर रूप से घायल था और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
पत्नी ने बताया कि हमलावरों ने उसे भी काबू में कर लिया था। उसके मुताबिक, बदमाशों ने गहने और कीमती सामान मांगा, विरोध करने पर धमकाया और उसके हाथ-पैर बांध दिए। उसने दावा किया कि उसे यह तक पता नहीं चला कि पति पर कब और कैसे हमला हुआ।
घटना की खबर सुनकर परिवार के लोग और आसपास के लोग सकते में थे। कारोबारी की मां को भी बाद में इस वारदात का पता चला। उन्होंने जब अपने बेटे को देखा, तो वह खून से लथपथ बिस्तर पर पड़ा था। उस रात परिवार की जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई।
पत्नी की आपबीती सुनकर सबको लगा लूट का मामला है
घटना के बाद पत्नी ने लोगों के सामने अपनी बात रखी। उसने बताया कि हमलावरों ने उसे धमकाया और घर का कीमती सामान लेकर चले गए। उसकी बातों से यही लग रहा था कि परिवार पर अचानक हमला हुआ और कारोबारी इसकी भेंट चढ़ गया।
लेकिन पुलिस ने मामले को सिर्फ लूटपाट मानकर छोड़ने के बजाय घटनास्थल की जांच शुरू की। वहां से मिले साक्ष्यों और दूसरे तथ्यों को जोड़ने की कोशिश की गई। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस को कथित लूट की कहानी पर संदेह होने लगा।
जांच ने बदली कहानी की दिशा
पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच में मामला साधारण डकैती का नहीं लगा। जांचकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कारोबारी की हत्या की साजिश पहले से रची गई थी। पुलिस का दावा था कि मृतक की पत्नी प्रियंका पुरोहित ने कथित प्रेमी कमलेश पुरोहित के साथ मिलकर इस वारदात की योजना बनाई थी।
पुलिस ने यह भी दावा किया कि हत्या को लूटपाट का रूप देने की कोशिश की गई थी। कथित साजिश में एक अन्य व्यक्ति को पैसे देकर शामिल किए जाने की बात भी सामने आई। हालांकि, इन दावों की अंतिम सच्चाई का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया और अदालत में पेश साक्ष्यों के आधार पर होना है।
रिश्तों में दरार और फिर सामने आई हत्या की साजिश का आरोप
पुलिस के अनुसार, देवकरण और प्रियंका का विवाह पारंपरिक रीति-रिवाजों से हुआ था। दोनों कुछ वर्षों तक साथ रहे, लेकिन बाद में उनके बीच विवाद होने की बात सामने आई। एक समय प्रियंका अपने परिजनों के साथ रहने लगी थीं। घटना से पहले दोनों के फिर से साथ रहने की जानकारी भी पुलिस ने दी थी।
जांच के दौरान पुलिस ने प्रियंका और कमलेश को गिरफ्तार किया, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश की जा रही थी। पुलिस का कहना था कि पूछताछ में मामले से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिलीं।
उधर, कारोबारी की मां ने अपनी बहू पर गंभीर आरोप लगाए और बेटे की मौत के लिए कड़ी सजा की मांग की। परिवार के लिए यह स्वीकार करना बेहद मुश्किल था कि जिस घटना को शुरुआत में बाहरी बदमाशों का हमला समझा गया, उसी में घर के भीतर के रिश्तों को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे थे।
एक हत्या, कई सवाल और जांच का अहम मोड़
इस मामले ने दिखाया कि किसी वारदात की शुरुआती तस्वीर हमेशा पूरी सच्चाई नहीं बताती। जिस घटना को पहले लूटपाट बताया गया, पुलिस जांच में उसे कथित साजिश से जोड़कर देखा गया। लेकिन किसी भी मामले में पुलिस के आरोप और अदालत में साबित हुए तथ्य अलग-अलग चीजें हैं।
आखिरकार, इस कहानी का सबसे दुखद पहलू एक परिवार का उजड़ जाना था। एक कारोबारी की जान चली गई, पीछे शोक में डूबे परिजन रह गए और रिश्तों पर ऐसे सवाल उठे जिनके जवाब कानूनी प्रक्रिया से ही सामने आ सकते थे।
यह कहानी अप्रैल 2026 में प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों में बताए गए घटनाक्रम पर आधारित है। पुलिस के आरोपों को अदालत में सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए; मामले की अंतिम कानूनी स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि यहां नहीं की गई है।



