
गैरसैंण, उत्तराखंड: विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले मंगलवार को चमोली जिले के भराड़ीसैंण में सियासी माहौल गरमा गया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर धरना दिया और धामी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्ष ने संकेत दिया कि सत्र के दौरान वह कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगा।
अंकिता भंडारी मामले को लेकर उठाए सवाल
कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। पार्टी नेताओं ने मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर सवाल किए और आरोप लगाया कि सरकार तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता संबंधित व्यक्ति को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं ने सीबीआई जांच को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि जांच के नाम पर मामले के अहम पहलुओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। हालांकि, ये विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप हैं, जिनकी पुष्टि जांच और संबंधित तथ्यों के आधार पर ही की जा सकती है।
भ्रष्टाचार समेत अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी
विपक्ष ने संकेत दिया कि अंकिता भंडारी प्रकरण के अलावा चंदा चोरी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे भी विधानसभा सत्र में उठाए जाएंगे। कांग्रेस का कहना है कि वह जनता से जुड़े सवालों पर सरकार को जवाब देने के लिए बाध्य करेगी।
विधानसभा परिसर के बाहर हुए प्रदर्शन को सत्र से पहले विपक्ष की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। इससे सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री धामी ने विधानसभा अध्यक्ष से की मुलाकात
सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से भी बातचीत की।
अब सबकी नजर विधानसभा की कार्यवाही पर है। सत्र के दौरान यह देखना अहम होगा कि विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दों पर सरकार क्या जवाब देती है और किन विषयों पर सदन में चर्चा होती है।
Satya Report नोट: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है। राजनीतिक आरोपों को संबंधित पक्षों के दावों के रूप में प्रस्तुत किया गया है।



