
हरियाणा के सिरसा में बहू से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने आरोपी ससुर को 14 साल की कैद सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह मामला सितंबर 2018 का है, जब शादी के महज एक सप्ताह बाद ही महिला ने अपने ससुर पर गंभीर आरोप लगाए थे। मामले में DNA जांच की रिपोर्ट अहम साबित हुई और करीब आठ साल बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया।
आधी रात को हुई थी वारदात
शिकायत के अनुसार, पीड़िता कॉलेज में बीए की पढ़ाई कर रही थी और वर्ष 2018 में उसकी शादी रानियां क्षेत्र के एक युवक से हुई थी। महिला ने बताया था कि वह अपनी शादीशुदा जिंदगी से खुश थी। घटना वाली रात उसका पति और जेठ अपनी बहन को ससुराल छोड़ने गए हुए थे। घर पर महिला के साथ उसकी छोटी ननद और सास-ससुर मौजूद थे।
पीड़िता के मुताबिक, 19 और 20 सितंबर 2018 की दरमियानी रात करीब साढ़े 12 बजे उसकी आंख खुली तो उसके दोनों हाथ चुन्नी से बंधे हुए थे और मुंह पर भी कपड़ा बंधा था। उसने खुद को बचाने के लिए विरोध किया, लेकिन आरोप है कि ससुर ने उसे काबू में कर उसके साथ दुष्कर्म किया।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
घटना के बाद पीड़िता अपनी बहन और जीजा के साथ पुलिस थाने पहुंची और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में आरोपी ने आरोपों से इनकार किया था और जांच के दौरान भी दुष्कर्म की पुष्टि करना चुनौतीपूर्ण रहा।
बाद में DNA जांच की रिपोर्ट सामने आई, जिसने मामले में अहम भूमिका निभाई। इसी सहित मामले में पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।
अदालत ने सुनाई 14 साल की सजा
मामले की सुनवाई के बाद एडीजे डॉ. नरेश सिंगल की अदालत ने आरोपी ससुर को 14 साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले में DNA रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य महत्वपूर्ण रहे।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट में दी गई जानकारी पर आधारित है। मामले से जुड़े कानूनी विवरणों में आधिकारिक अभिलेखों के अनुसार अंतर संभव है।
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