
संभल: बेटे की शादी की चिंता में एक परिवार ने बिचौलिए पर भरोसा किया और रिश्ता तय करने के लिए सवा लाख रुपये तक दे दिए। शादी हुई तो घर में खुशियां लौट आईं, लेकिन महज 15 दिन बाद ऐसा घटनाक्रम सामने आया कि परिवार के होश उड़ गए। एक युवक दुल्हन का चाचा बनकर घर पहुंचा और उसे अपने साथ ले गया। आरोप है कि दुल्हन जाते समय घर में रखे नकदी और गहने भी ले गई। बाद में परिवार को कथित ठगी का पता चला, जिसके बाद पुलिस से शिकायत की गई।
परिवार के मुखिया हरपाल के मुताबिक, उनके बेटे गुलशन की शादी नहीं हो पा रही थी। इसी बीच मुरादाबाद जिले के नरोदा गांव की एक महिला उनके घर पहुंची। उसने बताया कि उसके पास एक युवती रहती है, जिसके पति की मौत हो चुकी है और उसका सात साल का एक बेटा भी है। महिला ने शादी कराने और कन्यादान का खर्च उठाने की बात कही। इसके बदले उसने एक लाख रुपये मांगे।
हरपाल ने महिला की बातों पर भरोसा करते हुए 50 हजार रुपये अग्रिम दे दिए। बाद में 75 हजार रुपये और कपड़े लेकर वह पंजाब पहुंचे, जहां दो अगस्त को राखी नाम की युवती की गुलशन से शादी करा दी गई। विवाह के बाद परिवार नई बहू को लेकर अपने गांव लौट आया।
चाचा बनकर आया युवक और दुल्हन को ले गया
परिवार का आरोप है कि शादी के करीब 15 दिन बाद महिला ने हरपाल को फोन किया और कहा कि दुल्हन के चाचा उसे लेने आने वाले हैं। उसने युवक के साथ राखी को भेज देने की बात कही। इसके बाद 19 अगस्त को नरोदा गांव का एक व्यक्ति उनके घर पहुंचा और राखी को अपने साथ ले गया।
हरपाल का आरोप है कि राखी घर से सोने के कुंडल, मंगलसूत्र का हिस्सा, चांदी की पायल, कड़े और कमर में पहनने वाला चांदी का आभूषण भी ले गई। इसके अलावा भैंस खरीदने की बात कहकर रखे गए 25 हजार रुपये भी गायब मिले।
जब परिवार ने महिला और दुल्हन से संपर्क करने की कोशिश की तो उनके मोबाइल नंबर बंद मिले। इसके बाद हरपाल को शक हुआ कि शादी के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। पीड़ित परिवार ने पुलिस से शिकायत कर मामले में कार्रवाई की मांग की।
सत्या रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर शिकायतकर्ता के बताए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आने तक इन्हें स्थापित तथ्य न माना जाए।



