देश की आर्थिक सेहत और सरकारी खजाने से जुड़ी एक बेहद सकारात्मक खबर सामने आई है. जून के महीने में सरकार के ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन में जबरदस्त उछाल देखा गया है. चालू वित्त वर्ष के जून महीने में कुल ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन बढ़कर 1.94 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. सालदरसाल के आधार पर देखें तो इसमें 13.9 फीसदी की शानदार सालाना तेजी दर्ज की गई है. इसके साथ ही, रिफंड्स के एडजस्टमेंट के बाद सरकार का नेट जीएसटी कलेक्शन भी काफी मजबूत स्थिति में रहा है. जून में नेट जीएसटी कलेक्शन 11.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1.62 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया है.
ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन में दर्ज हुई बंपर बढ़ोतरी
जून महीने के ये ताजा आंकड़े यह साफ करते हैं कि देश में आर्थिक मोर्चे पर मजबूती का रुख कायम है. सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन का 1.94 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचना टैक्स मोर्चे पर एक बड़ी कामयाबी है. पिछले वर्ष की समान अवधि यानी पिछले साल के जून महीने की तुलना में इस बार 13.9% की सालाना ग्रोथ देखी गई है. यह वृद्धि दर बताती है कि देश के भीतर गुड्स और सर्विसेज की सप्लाई और ट्रेडिंग में लगातार विस्तार हो रहा है.
नेट जीएसटी कलेक्शन का पूरा गणित समझिए
टैक्स कलेक्शन की इस पूरी तस्वीर को सही तरीके से समझने के लिए ग्रॉस और नेट आंकड़ों के अंतर को देखना बेहद जरूरी होता है. जहां एक तरफ कुल जमा टैक्स यानी ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 1.94 लाख करोड़ रुपये रहा, वहीं रिफंड्स की वापसी के बाद सरकार के पास शुद्ध रूप से बची राशि यानी नेट जीएसटी कलेक्शन 1.62 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया. इस नेट जीएसटी कलेक्शन में भी पिछले साल की तुलना में 11.2 प्रतिशत का शानदार इजाफा हुआ है. टैक्स कलेक्शन के ये दोनों ही आंकड़े यह प्रमाणित करते हैं कि देश में टैक्स कंप्लायंस और आर्थिक लेनदेन का ढांचा बेहद मजबूत हुआ है.



