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​11 KV लाइन पर काम करते समय हादसा: चिनहट में संविदाकर्मी रंजीत रावत की मौत, दो मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

​11 KV लाइन पर काम करते समय हादसा:  चिनहट में संविदाकर्मी रंजीत रावत की मौत, दो मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

लखनऊ, अमृत विचार: चिनहट डिविजन स्थित ओमेगा उपकेंद्र पर रविवार दोपहर करीब 12 बजे एक दर्दनाक हादसे ने एक हंसतेखेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन में आए फॉल्ट को ठीक करने खंभे पर चढ़े बाराबंकी निवासी 35 वर्षीय अकुशल संविदा कर्मी रंजीत रावत करंट का तेज झटका लगते ही नीचे आ गिरे और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के वहां हड़कंप मच गया और मौके पर बीबीडी पुलिस को सूचना दी गई।

गलत शटडाउन खंभे पर चढ़ा, BBD थाने में दी गई सूचना

चिनहट के अधिशासी अभियंता अभय कुमार सिंह ने बताया कि रविवार दोपहर संविदा कर्मी जिस लाइन पर काम कर रहा था, उसका शटडाउन न लेकर किसी अन्य लाइन का शटडाउन ले लिया गया था, जिससे यह भीषण हादसा हुआ। उन्होंने बताया कि 1912 या JE/SDO स्तर पर कोई आधिकारिक ब्रेकडाउन दर्ज नहीं था। घटना की सूचना के बाद बीबीडी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया, पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम, मृत्यु प्रमाण पत्र और वारिसान दस्तावेज पूरे होने के बाद नियमानुसार परिवार को मुआवजा दिया जाएगा। 

दो मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

आउटसोर्सिंग एजेंसी ‘क्वेस्ट कॉर्पोरेशन’ के तहत काम करने वाले रंजीत अपने पीछे बिलखती पत्नी और दो छोटेछोटे मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं। घर की पूरी जिम्मेदारी रंजीत के ही कंधों पर थी। हादसे के बाद परिजनों का रोरोकर बुरा हाल है और गांव में मातम पसरा हुआ है। पिछले 23 दिनों से लगातार हो रही बारिश के बीच रंजीत भी मुस्तैदी से बिजली आपूर्ति बहाल करने की जंग में जुटे हुए थे, लेकिन किसे पता था कि यह दिन उनकी जिंदगी का आखिरी दिन साबित होगा।

चेयरमैन के आदेशों की उड़ाई जा रही धज्जियां

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र कुमार पांडे ने घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पावर कारपोरेशन चेयरमैन के स्पष्ट निर्देश हैं कि अकुशल कर्मचारियों से पोल या लाइन का खतरनाक काम न लिया जाए। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर अकुशल कर्मियों से 12 से 16 घंटे तक जबरन काम कराया जा रहा है और उन्हें सुरक्षा उपकरण तक मुहैया नहीं कराए जाते। हादसे के बाद से स्थानीय अधिकारी मामले पर पर्दा डालने और फोन उठाने से बच रहे हैं।

दोषी JE, SDO और XEN पर दर्ज हो कार्रवाई, मिले मुआवजा

देवेन्द्र कुमार पांडे ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अगर मृतक से पहले भी बिना सुरक्षा नियमों के काम लिया जा रहा था, तो संबंधित जेई , एसडीओ और एक्सियन के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जिम्मेदारों पर एक्शन नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। 

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