नोएडा : जंतरमंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाली नाबालिग लड़की की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और खुद प्रधानमंत्री द्वारा माफ किए जाने के बावजूद, इस 15 वर्षीय किशोरी और उसकी मां को लगातार जान से मारने और दुष्कर्म की खौफनाक धमकियां मिल रही हैं। धमकियों के खौफ का आलम यह है कि बीते कुछ ही दिनों में इस डरेसहमे परिवार को अपनी जान बचाने के लिए तीन बार अपना घर बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

एफआईआर से पता लीक, घर पहुंच रहे असामाजिक तत्व
लड़की के वकील अनिल कुमार ने मामले की गंभीरता को बताते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस में दर्ज एफआईआर में लड़की के घर का पता सार्वजनिक हो गया था। इसके बाद से ही कुछ असामाजिक तत्वों और राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों ने उनके घर पहुंचकर खुलेआम बलात्कार और हत्या की धमकियां देनी शुरू कर दीं। वकील के मुताबिक, लड़की की मां एक ‘सिंगल पैरेंट’ हैं और ट्यूशन पढ़ाकर अपने परिवार का भरणपोषण करती हैं। लेकिन इन लगातार मिल रही धमकियों के कारण वे भारी दहशत में हैं और दरदर भटकने को मजबूर हैं।
झूठी है 25 साल की ‘रुचिका’ वाली खबर, 10वीं की छात्रा है लड़की
सोशल मीडिया पर इस लड़की को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर भी वकील ने कड़ा एतराज जताया है। इंटरनेट पर कई जगह दावा किया जा रहा था कि वह 25 साल की एक सैलून वर्कर है और उसका नाम ‘रुचिका’ है। वकील ने इन सभी दावों को पूरी तरह फर्जी बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब शिकायत दर्ज हुई थी, तब वह महज 14 साल की थी और 1 अगस्त को ही उसने अपना 15वां जन्मदिन मनाया है। वह कोई वर्कर नहीं, बल्कि दिल्ली के ओपन स्कूलिंग सिस्टम से 10वीं कक्षा की पढ़ाई कर रही एक स्कूली छात्रा है।
रोते हुए मांगी थी देश से माफी, कहा ‘मैं बहकावे में आ गई थी’
विवाद बढ़ने और एफआईआर दर्ज होने के बाद इस नाबालिग किशोरी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर पूरे देश से माफी मांगी थी। उसने अपनी भारी गलती स्वीकार करते हुए कहा था कि वह प्रदर्शनकारी भीड़ के बहकावे में आ गई थी, जहां लोग प्रधानमंत्री को गालियां दे रहे थे। किशोरी ने स्पष्ट किया कि उसने वह विवादित वीडियो खुद कहीं पोस्ट नहीं किया था। अपने कृत्य पर गहरी शर्मिंदगी जताते हुए उसने कहा था कि उसने जो गंदी बातें बोलीं, वह माफी के लायक नहीं है, लेकिन भविष्य में वह ऐसी गलती कभी नहीं दोहराएगी।
जीरो एफआईआर और पीएम मोदी का बड़प्पन
गौरतलब है कि इस मामले में गाजियाबाद की रहने वाली स्मृति सिंह ने 29 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में लड़की के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज कराई थी। बाद में इस मामले को जांच के लिए दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया था। हालांकि, इस पूरे विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद बड़ा दिल दिखाते हुए एक वीडियो संदेश जारी कर इस नाबालिग को माफ करने की बात कही थी। पीएम ने कहा था कि बेटियों द्वारा ऐसी भाषा का इस्तेमाल चिंता का विषय जरूर है, लेकिन इन गुमराह बच्चों को समाज के आक्रोश की नहीं, बल्कि सही राह दिखाने और माफ किए जाने की जरूरत है।



