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150 से ज्यादा ‘बॉयफ्रेंड’ नहीं, ब्लैकमेलिंग का था खेल! खूबसूरती के जाल में फंसाती, वीडियो बनाती और फिर केस की धमकी देकर वसूलती थी लाखों..

गोरखपुर में एक लड़की की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर उसके बारे में कई तरह की बातें सामने आने लगीं। कोई उसे ‘लेडी डॉन’ कह रहा था तो कोई दावा कर रहा था कि उसके 150 से ज्यादा बॉयफ्रेंड थे। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कहानी कुछ और ही सामने आती दिखी।

आरोप है कि लड़की लोगों से दोस्ती करती, उन्हें अपने भरोसे में लेती और फिर वीडियो कॉल के दौरान उनकी निजी रिकॉर्डिंग कर लेती थी। इसके बाद शुरू होता था धमकी और पैसों की मांग का सिलसिला। सामने वाले को डराया जाता कि अगर उसने रकम नहीं दी तो उसके खिलाफ दुष्कर्म या पॉक्सो एक्ट जैसे गंभीर मामलों में शिकायत कर दी जाएगी।

बताया जा रहा है कि लड़की मूल रूप से गोरखपुर के हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र की रहने वाली है। परिवार से विवाद के बाद उसने संतकबीर नगर के खलीलाबाद में किराये का मकान ले लिया था। यहीं से उसने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से संपर्क बढ़ाना शुरू किया।

शुरुआत में बातचीत सामान्य होती थी। सामने वाले को लगता था कि वह एक युवती से दोस्ती कर रहा है। धीरे-धीरे बातचीत निजी होने लगती और फिर वीडियो कॉल तक पहुंच जाती। आरोप है कि इसी दौरान निजी पलों की रिकॉर्डिंग कर ली जाती थी। बाद में उसी वीडियो को दिखाकर पैसे मांगे जाते।

पुलिस जांच में करीब 150 लोगों को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है। इनमें आम लोगों के साथ कुछ पुलिसकर्मियों के नाम भी बताए जा रहे हैं। अयोध्या में तैनात एक सीओ समेत करीब 15 पुलिसकर्मियों को भी कथित तौर पर इस जाल में फंसाने का दावा किया गया है।

यह सिलसिला वर्ष 2021 के आसपास शुरू होने की बात कही जा रही है। पहला मामला देवरिया के एक युवक से जुड़ा बताया गया है। आरोप है कि उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद समझौते के नाम पर रकम ली गई। इसके बाद इसी तरीके से दूसरे लोगों को भी डराकर पैसे वसूलने का आरोप है।

हर मामले में तरीका लगभग एक जैसा बताया जा रहा है। पहले सोशल मीडिया पर संपर्क, फिर दोस्ती और भरोसा, उसके बाद वीडियो कॉल और अंत में मुकदमे में फंसाने की धमकी।

खलीलाबाद में रहने के दौरान भी लड़की का विवादों से नाता जुड़ा रहा। मकान मालिक ने देर रात युवकों के आने-जाने पर आपत्ति जताई थी। आरोप है कि मकान खाली करने के बदले उससे दो लाख रुपये लिए गए।

इसी दौरान सूरज सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराने की बात सामने आई। आरोप है कि बाद में समझौते के नाम पर उनसे पैसे मांगे गए। खलीलाबाद के ही प्रियांशु सिंह से भी फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 50 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया गया है।

सोशल मीडिया पर भले ही इसे 150 बॉयफ्रेंड की कहानी बताया जा रहा हो, लेकिन जांच में इसे प्रेम संबंधों के बजाय कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क के रूप में देखा जा रहा है। आरोप है कि लड़की ने कई लोगों से संपर्क बनाए, लेकिन उसका मकसद रिश्ते बनाना नहीं, बल्कि निजी जानकारी और वीडियो के जरिए उन्हें डराकर पैसे वसूलना था।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट और बैंक खातों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह इस काम में अकेली थी या उसके साथ कोई और भी शामिल था।

अगर जांच में आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला सिर्फ एक लड़की की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए चलाए जा रहे एक बड़े हनीट्रैप और सेक्सटॉर्शन नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

इस मामले ने यह भी दिखाया है कि सोशल मीडिया पर शुरू हुई दोस्ती कितनी जल्दी खतरे में बदल सकती है। निजी बातचीत और वीडियो साझा करने से पहले सावधानी न बरतने पर लोग ब्लैकमेलिंग का शिकार हो सकते हैं। हालांकि, लगाए गए सभी आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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