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18 बार मां​​​ बनने का दावा, गर्भवती न रहने पर होती है बेचैनी! क्या सच में हो सकती है प्रेग्नेंसी की लत?

18 बार मां​​​ बनने का दावा, गर्भवती न रहने पर होती है बेचैनी! क्या सच में हो सकती है प्रेग्नेंसी की लत?

अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट: आमतौर पर लोगों को शराब, सिगरेट या दूसरी चीजों की लत के बारे में सुनने को मिलता है, लेकिन सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अफ्रीकी महिला से जुड़ा हैरान करने वाला दावा चर्चा में है। कहा जा रहा है कि महिला अब तक 18 बार बच्चों को जन्म दे चुकी है और उसे गर्भवती रहने की इच्छा इतनी ज्यादा है कि लंबे समय तक गर्भवती न होने पर बेचैनी महसूस होती है।

हालांकि, इस कहानी की आधिकारिक पुष्टि या किसी विश्वसनीय मेडिकल रिपोर्ट की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे प्रमाणित घटना मानने के बजाय सोशल मीडिया पर प्रसारित एक दावे के रूप में ही देखना चाहिए। इसके बावजूद यह सवाल जरूर उठता है कि क्या किसी महिला को बार-बार गर्भवती होने की मनोवैज्ञानिक इच्छा हो सकती है?

गर्भवती न रहने पर बेचैनी होने का दावा

सोशल मीडिया पर प्रसारित जानकारी के मुताबिक, महिला का कहना है कि जब लंबे समय तक उसका पेट गर्भावस्था की तरह नहीं फूलता, तो उसे बेचैनी और चिंता होने लगती है। दावा है कि गर्भवती होने के दौरान मिलने वाली मानसिक संतुष्टि उसे दोबारा गर्भधारण करने के लिए प्रेरित करती है।

इस कहानी में यह भी कहा गया है कि महिला के पति पर बच्चों की देखभाल और परिवार के खर्चों का दबाव बढ़ गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

क्या प्रेग्नेंसी की भी लग सकती है लत?

मेडिकल दृष्टि से गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई तरह के हार्मोनल और भावनात्मक बदलाव होते हैं। एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और ऑक्सीटोसिन जैसे हार्मोन गर्भावस्था और मातृत्व से जुड़ी शारीरिक प्रक्रियाओं में अहम भूमिका निभाते हैं।

कुछ महिलाओं के लिए गर्भावस्था का अनुभव भावनात्मक रूप से बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है। इस दौरान मिलने वाला अपनापन, परिवार का ध्यान और मां बनने की भावना उनके लिए खास मायने रख सकती है।

हालांकि, बार-बार गर्भवती होने की इच्छा को सीधे तौर पर किसी स्थापित मेडिकल लत का नाम नहीं दिया जा सकता।

मानसिक स्वास्थ्य से भी हो सकता है संबंध

अगर किसी महिला को गर्भवती न होने पर लगातार बेचैनी, चिंता या खालीपन महसूस होता है और यह उसकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगता है, तो इसके पीछे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं।

कुछ मामलों में एंग्जायटी, डिप्रेशन या गर्भावस्था और मातृत्व से जुड़ा गहरा मनोवैज्ञानिक लगाव इसकी वजह हो सकता है। ऐसे में विशेषज्ञ से बातचीत और उचित मानसिक स्वास्थ्य सहायता लेना जरूरी है।

हर बार गर्भधारण करना सेहत के लिए आसान नहीं

बार-बार गर्भधारण करने से महिला के शरीर पर शारीरिक दबाव पड़ सकता है। गर्भावस्था के बीच पर्याप्त अंतर न होने पर कुछ स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं। इसलिए परिवार नियोजन, महिला की शारीरिक स्थिति और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है।

Satya Report Disclaimer: सोशल मीडिया पर चर्चा में आई महिला की कहानी और 18 बार मां बनने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रेग्नेंसी की लत कोई मान्यता प्राप्त स्वतंत्र मेडिकल बीमारी नहीं है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी परेशानी का आकलन विशेषज्ञ ही कर सकते हैं।

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