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हर 4 में से 3 महिलाएं अपात्र! दिल्ली की लक्ष्मी योजना में ₹2500 पाना कितना मुश्किल?

दिल्ली सरकार ने महिलाओं को हर महीने 2500 देने वाली लक्ष्मी योजना को मंजूरी दे दी है. सरकार का कहना है कि पहली किस्त रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं के खातों में भेजी जाएगी. लेकिन योजना का ऐलान जितना आसान दिख रहा है, इसका लाभ लेना उतना ही आसान नहीं होगा. योजना के लिए कई शर्तें रखी गई हैं, जिनमें इनकम लिमिट, सरकारी नौकरी, टैक्स, दूसरी सरकारी योजनाओं का लाभ और सबसे ज्यादा चर्चा में आई तीन बच्चों की शर्त शामिल है.

हर 4 में से 3 महिलाएं अपात्र! दिल्ली की लक्ष्मी योजना में ₹2500 पाना कितना मुश्किल?

यही वजह है कि बड़ी संख्या में महिलाएं अब यह जानना चाहती हैं कि आखिर कौन इस योजना का लाभ ले सकेगा और कौन इससे बाहर हो जाएगा. कई रिपोर्टों के मुताबिक, सिर्फ इस एक शर्त की वजह से हजारों नहीं बल्कि लाखों महिलाएं योजना से वंचित रह सकती हैं. ऐसे में यह योजना चुनावी वादे से आगे बढ़कर अब एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन गई है. इसी बीच इस योजना को लेकर सियासत भी तेज हो गई है.

अरविंद केजरीवाल ने साधा निशाना

आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर निशाना साधा. केजरीवाल ने लिखा कि मोहन भागवत कह रहे हैं कि हर हिंदू को ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए, जबकि रेखा गुप्ता कह रही हैं कि तीन से ज्यादा बच्चे होने पर लक्ष्मी योजना का लाभ नहीं मिलेगा.

किन महिलाओं को नहीं मिलेगा योजना का लाभ?

  • तीन से ज्यादा जीवित बच्चे होने पर योजना का लाभ नहीं मिलेगा.
  • अगर परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है तो महिला पात्र नहीं होगी.
  • जो महिला इनकम टैक्स भरती है, उसे भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा.
  • दूसरी सरकारी पेंशन या नियमित आर्थिक सहायता लेने वाली महिलाओं को भी बाहर रखा गया है.
  • दिल्ली की स्थायी निवासी होना और तय इनकम लिमिट के भीतर होना जरूरी होगा.

दिल्ली लक्ष्मी योजना के नए नियम

तीन बच्चों की शर्त क्यों बनी सबसे बड़ा मुद्दा?

लक्ष्मी योजना में सबसे ज्यादा चर्चा उस नियम की हो रही है, जिसके तहत तीन से ज्यादा जीवित बच्चों वाली महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिलेगा. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली की करीब 15 फीसदी महिलाएं केवल इसी शर्त की वजह से योजना से बाहर हो सकती हैं. सरकार का तर्क है कि इस तरह की शर्त कई सरकारी योजनाओं में पहले भी लागू रही है और इसका उद्देश्य योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक सीमित रखना है.

17 लाख महिलाओं को लाभ का दावा

हालांकि, विपक्ष का कहना है कि चुनाव के समय ऐसी कोई शर्त सामने नहीं रखी गई थी. उनका आरोप है कि अब नियम जोड़कर लाभार्थियों की संख्या कम की जा रही है. यही वजह है कि यह शर्त राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है. रिपोर्ट की मानें, तो दिल्ली में 73 लाख महिला मतदाता हैं, सरकार के हिसाब से इस योजना का लाभ 17 लाख महिलाओं को ही मिलेगा यानी हर 4 में से 3 महिला ही इस योजना के योग्य हैं.

क्याक्या है इस योजना की शर्तें?

इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी. योजना के तहत 21 से 60 साल की वही महिलाएं पात्र होंगी. एक परिवार से केवल एक महिला को ही इस योजना का लाभ मिलेगा और यदि परिवार में एक से ज्यादा महिलाएं पात्र हैं, तो सबसे अधिक उम्र वाली महिला को प्राथमिकता दी जाएगी. इसके अलावा, अगर महिला या उसके परिवार के कोई सदस्य के पास परिवार के नाम चार पहिया वाहन है, तो वह इस योजना का लाभ नहीं ले सकेगी.

जिन महिलाओं या उनके परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है, उन्हें भी इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है. इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो सरकार की तय पात्रता शर्तों को पूरा करती हों. इसके लिए परिवार की सालाना आय 2.5 लाख से कम होनी चाहिए और महिला कम से कम 10 साल से दिल्ली की स्थायी निवासी हो.

कब मिलेगी योजना की पहली किस्त?

दिल्ली सरकार की लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी. इस योजना के लिए 1 अगस्त 2026 से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे. सरकार इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च करेगी, जहां महिलाएं आवेदन कर सकेंगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया है कि आवेदन और डॉक्यूमेंट की जांच पूरी होने के बाद रक्षाबंधन, 28 अगस्त को पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 2500 की पहली किस्त सीधे ट्रांसफर की जाएगी.

कौनकौन से डॉक्यूमेंट चाहिए होंगे?

इसके लिए 1 अगस्त 2026 से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे और आवेदन पोर्टल भी इसी दिन लॉन्च किया जाएगा. आवेदन करते समय आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, बैंक पासबुक और पासपोर्ट साइज फोटो जैसे जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे. सरकार का कहना है कि सभी आवेदनों की जांच के बाद ही पात्र महिलाओं के खातों में राशि भेजी जाएगी.

लक्ष्मी योजना में आवेदन के लिए डॉक्यूमेंट्स

डॉक्यूमेंट्स की जांच के बाद मिलेगा पैसा

दिल्ली सरकार का कहना है कि लक्ष्मी योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देना है. इसके लिए पात्र महिलाओं का रजिस्ट्रेशन 1 अगस्त से शुरू होगा. डॉक्यूमेंट्स की जांच के बाद योग्य महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 2500 भेजे जाएंगे. सरकार का दावा है कि इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उन्हें रोजमर्रा के खर्चों में मदद मिलेगी.

विपक्ष क्यों उठा रहा सवाल?

अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, मोहन भागवत जी कह रहे हैं कि हर हिंदू को ज़्यादा से ज़्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए. रेखा गुप्ता जी कह रही हैं कि अगर तीन से ज़्यादा बच्चे हुए तो दिल्ली लक्ष्मी योजना का फ़ायदा नहीं मिलेगा. बेचारा हिंदू कन्फ्यूज है. रेखा जी और भागवत जी को एक साथ आकर हिंदुओं को बताना चाहिए कि उन्हें असल में क्या करना चाहिए.

पहले क्या बताए गई थीं शर्तें?

दिल्ली सरकार ने महिला समृद्धि योजना का नाम बदलकर दिल्ली लक्ष्मी योजना कर दिया है. जिस वक्त इस योजना की बात हुई थी, उस वक्त के शर्तों की बात करें, तो योजना का लाभ लेने के लिए महिला का कम से कम 10 साल से दिल्ली का निवासी होना, परिवार की सालाना आय 2.5 लाख से कम होना और एक परिवार से केवल एक महिला का पात्र होना जरूरी है. इसके अलावा, आवेदक के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं होना चाहिए.

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