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यूपी के इस कॉलेज के 30 शिक्षकों-कर्मचारियों पर लगे धर्मांतरण के आरोप से हड़कंप, फर्जी निकले दस्तखत

Satya Report: इस कॉलेज के 30 शिक्षकों और कर्मचारियों पर धर्मान्तरण समेत अन्य गंभीर आरोप लगाए गए थे। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने जांच के लिए दो सदस्यीय जांच कमेटी नियुक्त की। कमेटी ने पत्रों में दिए गए मोबाइल नम्बर पर सम्पर्क किया। पता चला कि उसके नाम का दुरुपयोग किया गया है साथ ही फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं।

यूपी के इस कॉलेज के 30 शिक्षकों-कर्मचारियों पर लगे धर्मांतरण के आरोप से हड़कंप, फर्जी निकले दस्तखत

 उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के सेंट एंड्रयूज कॉलेज में 30 शिक्षकों ओर कर्मचारियों पर लगे धर्मांतरण सहित अन्य गंभीर आरोपों की जांच क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के निर्देशन में बनी दो सदस्यीय जांच कमेटी ने पूरी कर ली है। दो अलग-अलग शिकायतों की जांच में आरोप पूरी तरह से फर्जी और निराधार पाए गए हैं। मामले में एक शिकायती पत्र कॉलेज की ही एक महिला कर्मचारी और दूसरा पत्र एक समाजसेवी के नाम पर था। दोनों पत्रों पर मोबाइल नंबर दर्ज था, लेकिन जांच में हस्ताक्षर फर्जी मिले हैं। जांच के बाद कॉलेज प्रशासन ने मामले में मुकदमा दर्ज कराने और मुख्यमंत्री से शिकायत की बात कही है। .

क्षेत्रीय उच्च शिक्षा कार्यालय को एक पत्र प्राप्त हुआ था, जिसके साथ दो आरोप पत्र संलग्न थे। इसमें कॉलेज के 30 शिक्षकों और कर्मचारियों पर धर्मान्तरण समेत अन्य गंभीर आरोप लगाए गए थे। इसे गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने जांच के लिए दो सदस्यीय जांच कमेटी नियुक्त की। कमेटी ने पत्रों में दिए गए मोबाइल नम्बर पर सम्पर्क किया। पहले पत्र में शिकायतकर्ता के रूप में दर्ज नाम वाले ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बताया कि पत्र में उसके नाम का दुरुपयोग किया गया है साथ ही फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं।

जबकि, दूसरे पत्र में दर्ज मोबाइल नम्बर से सम्पर्क करने पर पता चला कि वह नम्बर कॉलेज की ही एक महिला कर्मचारी का है। कमेटी ने बुलाया तो उन्होंने भी ऐसे किसी भी पत्र से अपना संबंध मानने से इंकार कर दिया। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि मेरे मोबाइल नम्बर का गलत इस्तेमाल किया गया है। जांच कमेटी ने दोनों मामलों की रिपोर्ट क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को सौंप दी है।

कॉलेज की छवि धूमिल करने का प्रयास

सभी 30 शिक्षकों और कर्मियों ने जांच कमेटी के सामने शिकायत पर नाराजगी जताई है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है। शिक्षकों और कर्मियों ने कहा है कि 1899 से अनवरत निस्वार्थ सेवा देने वाले कॉलेज पर 127 सालों में पहली बार ऐसा गंभीर आरोप लगा है। इसके माध्यम से कॉलेज की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। कॉलेज प्रशासन ऐसे लोगों की पहचान कर उन पर गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराए। साथ ही मुख्यमंत्री से मिलकर उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

क्या बोले अधिकारी

गोरखपुर के क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी उदयभान ने कहा कि कॉलेज में धर्मांतरण सहित अन्य गंभीर आरोप के दो पत्र मिले थे। पत्रों की जांच को दो सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी। पता चला कि शिकायतकर्ताओं के नाम का गलत इस्तेमाल किया गया। उनके मोबाइल नंबर का भी गलत इस्तेमाल किया गया है। दोनों शिकायतों के आरोप पूरी तरह से निराधार मिले हैं

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