आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तट के पास लापता हुए छह मछुआरों के लिए सर्च ऑपरेशन बंद कर दिया गया है। भारतीय नौसेना और कोस्ट गार्ड की चार दिन की तलाश के बाद उनके जीवित मिलने की उम्मीदें खत्म हो गई हैं।

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तट के पास लापता हुए मछुआरों के लिए बुधवार को सर्च ऑपरेशन बन कर दिया गया है। अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी।
बीते 4 जुलाई को उनकी नाव पलट गई थी, जिससे उनके जिंदा मिलने की उम्मीदें खत्म हो गई हैं। भारतीय नौसेना और कोस्ट गार्ड के चार दिन तक चले सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी मछुआरों का कोई पता नहीं चल सका।
लापता मछुआरों के लिए सर्च ऑपरेशन बंद
अधिकारियों ने अब लापता मछुआरों के मारे जाने की आशंका जताई है। यह जानकारी एक मछुआरे से मिली थी, जिसे रविवार को एक कार्गो जहाज ने बचाया था। कोस्ट गार्ड के दो जहाजों और दो हेलीकॉप्टरों की मदद से सर्च ऑपरेशन मंगलवार आधी रात तक जारी रहा, लेकिन सर्च टीमों की सभी कोशिशें बेकार गईं।
राज्य मंत्री कोल्लू रवींद्र ने लापता मछुआरों के परिवारों को सांत्वना देने और हर परिवार को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की बात कही है। मंत्री ने मीडिया को बताया कि 72 घंटे से ज्यादा समय तक खोज के बाद भी लापता मछुआरों का कोई सुराग नहीं मिला, इसलिए उन्हें मृत मान लिया गया है।
1010 लाख रुपये की आर्थिक मदद
विजयनगरम और विशाखापत्तनम जिलों के सात मछुआरों का एक समूह 1 जुलाई को विशाखापत्तनम फिशिंग हार्बर से मछली पकड़ने के लिए नाव से निकला था। शनिवार को तट पर लौटते समय नाव में तकनीकी खराबी आ गई और वह पलट गई।
उनमें से एक को एक मछुआरे को मर्चेंट जहाज के क्रू ने बचाया और वह सोमवार को तट पर पहुंचा। सर्च ऑपरेशन बंद होने के साथ ही, राज्य सरकार ने छह मछुआरों के परिवारों के लिए 1010 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की।



