
लंदन। ब्रिटिश संसद के वेस्टमिंस्टर हॉल में सोमवार को ग्रूमिंग गैंग कांड से बचीं महिलाओं और युवतियों की दर्दनाक गवाहियों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। पीड़िताओं ने वर्षों तक चले यौन शोषण, तस्करी और अत्याचार की ऐसी घटनाएं सुनाईं, जिन्हें सुनकर सांसद भी स्तब्ध रह गए।
बहस के दौरान कई पीड़ितों के बयान पढ़कर सुनाए गए। इनमें बताया गया कि किस तरह संगठित गिरोहों ने किशोरियों को अपने जाल में फंसाकर उनका शोषण किया। पीड़िताओं ने आरोप लगाया कि लंबे समय तक संस्थाएं, स्थानीय प्रशासन और अन्य एजेंसियां इन अपराधों को रोकने में विफल रहीं।
एक पीड़िता की रिकॉर्डेड गवाही को सांसद Rupert Lowe ने सदन में पढ़कर सुनाया। पीड़िता ने बताया कि उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और उसे लंबे समय तक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। कई अन्य पीड़िताओं ने भी अपने साथ हुए गंभीर यौन अपराधों और हिंसा की घटनाओं का जिक्र किया।
एक महिला ने बताया कि अपराधी अक्सर कमजोर और असुरक्षित किशोरियों को निशाना बनाते थे। एक अन्य पीड़िता ने दावा किया कि उसके साथ कई वर्षों तक लगातार शोषण हुआ। कुछ गवाहियों में यह भी आरोप लगाया गया कि बाल संरक्षण से जुड़े संस्थानों की निगरानी और कार्रवाई पर्याप्त नहीं थी।
बहस के दौरान सांसदों ने इस बात पर भी चिंता जताई कि अपराधियों की राष्ट्रीयता, जातीय पहचान और पृष्ठभूमि से जुड़े आंकड़ों का व्यवस्थित रिकॉर्ड नहीं रखा गया। सांसदों ने मांग की कि बच्चों को निशाना बनाने वाले यौन अपराधियों के बारे में अधिक पारदर्शिता होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने में मदद मिल सके।
सांसद Sarah Champion ने कहा कि अतीत में सामने आए कुछ मामलों में अपराधियों की पृष्ठभूमि को समय रहते समझा जाता तो संभव है कि कई पीड़ितों को बचाया जा सकता था। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस बहस की शुरुआत एक सार्वजनिक याचिका के आधार पर हुई, जिस पर लाखों लोगों ने हस्ताक्षर किए थे। याचिका में पुलिस, स्थानीय परिषदों और अन्य सरकारी संस्थाओं के लिए अपराधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज करने की कानूनी व्यवस्था की मांग की गई है।
पीड़िताओं ने संसद से अपील की कि भविष्य में किसी भी बच्चे को ऐसी भयावह परिस्थितियों का सामना न करना पड़े। सांसदों ने भी इस मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए पीड़ितों को न्याय दिलाने और संस्थागत जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत बताई।
ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग से जुड़े मामलों पर पहले भी कई जांच रिपोर्टें सामने आ चुकी हैं। ताजा बहस ने एक बार फिर इस मुद्दे को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों तथा व्यवस्थाओं की समीक्षा की मांग तेज कर दी है।
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