
रायपुर: छत्तीसगढ़ के रायपुर ग्रामीण इलाके में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। आरंग थाना पुलिस ने एक लग्जरी कार से भारी मात्रा में देशी शराब बरामद कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में शराब दुकान का सुपरवाइजर, सेल्समैन, मल्टी वर्कर, वाहन चालक और एक सरकारी शिक्षक भी शामिल है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से 160 पव्वे देशी मसाला शराब बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब 16 हजार रुपये बताई गई है। शराब के परिवहन में इस्तेमाल की जा रही आर्टिका कार को भी जब्त किया गया है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी
पुलिस को 14 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सफेद रंग की आर्टिका कार नंबर CG 04 QB 5200 में ग्राम गुल्लू स्थित शराब दुकान से बड़ी मात्रा में शराब भरकर रानीसागर की तरफ ले जाई जा रही है। आशंका थी कि शराब को वहां अवैध रूप से बेचने के लिए ले जाया जा रहा है।
सूचना मिलते ही आरंग पुलिस की टीम ने ग्राम रानीसागर स्थित हनुमान मंदिर के पास घेराबंदी कर संदिग्ध कार को रोक लिया।
कार की तलाशी में मिले 160 पव्वे
पुलिस ने कार की तलाशी ली तो उसमें 160 नग देशी मसाला शराब के पव्वे मिले। बरामद शराब की कीमत करीब 16 हजार रुपये बताई गई है।
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर शराब को अवैध बिक्री के लिए ले जाने की बात स्वीकार की। पुलिस ने शराब के परिवहन में इस्तेमाल आर्टिका कार को भी जब्त कर लिया है। वाहन की अनुमानित कीमत करीब 8.16 लाख रुपये बताई गई है।
गिरफ्तार आरोपियों में शिक्षक और शराब दुकान के कर्मचारी
पुलिस ने इस मामले में कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें ग्राम गुल्लू शराब दुकान का सुपरवाइजर और सेल्समैन भी शामिल हैं।
सरकारी शराब दुकान के कर्मचारियों पर भी सवाल
आरंग थाना प्रभारी नरेश साहू के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि सरकारी शराब दुकान से जुड़े कुछ कर्मचारी ही कथित तौर पर शराब को अवैध तरीके से बाहर ले जाकर बेचने में शामिल थे।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और शराब की अवैध बिक्री का कारोबार कितने समय से चल रहा था।
सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।



