भारतीय कवि और गीतकार कुमार विश्वास ने कॉमेडी में सहनशीलता खत्म हो जाने पर तंज कसा है। उन्होंने पुरानी सरकारों की तारीफ की जब उनके पास कॉमेडी करने की आजादी थी। उन्होंने अपने पुराने दिन याद करते हुए कहा कि उनको भी ट्रोलिंग झेलनी पड़ी थी। उन पर भी एफ आई आर हुई थी।

कुमार विश्वास एक जाने माने कवि और पॉलीटिशियन है। वह अपनी बेबाक राय के लिए जाने जाते है। शब्दों और विचारों पर अच्छी पकड़ रखते है। उनके सियासी जुमले लोगों को पसंद आते है।
कॉमेडी की आजादी
एक इंटरव्यू में कुमार विश्वास ने बताया कि ‘एक समय में इन पर 87 एफ आई आर हुए थे। उनके शो में भी कई ऐसी बातें निकाली गई थी जिसको लेकर उनकी काफी निंदा मिली थी। फिर भी उस समय में कॉमेडी में एक सहनशीलता थी। प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी और मनमोहन सिंह जी के समय में उन्हें खुलकर बोलने की आजादी थी। उस समय जोक्स के लिए कोई कुछ नही कहता था। 20 साल पहले वो नेताओं, नीतियों, जेंडर और सभी चीजों पर खुलकर जोक मारा करते थे।’
‘अब वो आजादी नहीं है। अब लोग टची काफी हो गए है। आप किसी मुद्दे पर बात नहीं कर सकते। अगर आप सरकार के खिलाफ बात करेंगे तो आसपास के लोग आपको गाली देने लग जाएंगे। अब आप जाति, धर्म, रंग, भाषा, वेशभूषा, वाइफी जोक्स, कुछ नहीं बोल सकते है। जरा सी बातों पर लोगों की भावनाएं आहत हो जाती है।’,उन्होंने कहा।
कॉमेडियन्स पर केस
कॉमेडियन्स की इंडस्ट्री में समय रैना पहले नहीं थे जिन पर केस हुए हो। मुनव्वर फारुकी, वीर दास, कुणाल कामरा समेत कई कॉमेडियन्स है जिनके साथ ऐसा हुआ है। अपने आपत्तिजनक और सरकार विरोधी जोक्स के लिए पहले भी ये सभी कॉमेडियन्स एफ आई आर झेल चुके है।
समय रैना और रणवीर इलाहाबादिया
साथ ही कुमार विश्वास ने समय रैना की कॉन्ट्रोवर्सी पर इशारा करते हुए कहा कि “आजकल के बच्चे है इतना नहीं जानते है। उन्हें समझाकर छोड़ा भी जा सकता है। 150 एफ आई आर करने की जरुरत नहीं थी। जो देश ह्यूमर की सहनशीलता को खत्म कर देता है। वो समाज मरने लगता है।”



