Jabalpur News: रेलवे विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पश्चिम मध्य रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियरII नारायण सिंह बुंदेला को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. आरोपी अधिकारी को सागर में ट्रैप कार्रवाई के दौरान पकड़ा गया. गिरफ्तारी के बाद उसे जबलपुर लाया गया, जहां शुक्रवार को जबलपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया.

CBI द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह मामला 4 जून 2026 को एक ठेकेदार की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रेलवे के एक निर्माण कार्य से जुड़े सिक्योरिटी डिपॉजिट, लंबित बिलों के भुगतान और पीवीसी देयकों की राशि जारी करने के एवज में आरोपी अधिकारी द्वारा एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी. बताया गया कि जिन भुगतानों और देयकों को जारी किया जाना था, उनकी कुल राशि लगभग एक करोड़ रुपए थी.
शिकायतकर्ता ठेकेदार ने CBI को बताया कि उसने रेलवे के लिए गिट्टी सप्लाई सहित अनुबंधित कार्य पूरा कर लिया था, लेकिन विभाग में जमा उसकी सुरक्षा निधि और अन्य भुगतान वापस करने के लिए डिप्टी चीफ इंजीनियर लगातार रिश्वत की मांग कर रहे थे. जब ठेकेदार ने रिश्वत देने से इंकार किया तो भुगतान प्रक्रिया रोक दी गई.
शिकायत मिलने के बाद CBI ने प्रारंभिक जांच कर आरोपों की पुष्टि की और योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की तैयारी की. जांच के दौरान पता चला कि आरोपी अधिकारी ने रिश्वत की रकम लेने के लिए शिकायतकर्ता को सागर स्थित पैराडाइज होटल बुलाया था. गुरुवार देर रात CBI की टीम होटल के आसपास तैनात हो गई. तय योजना के अनुसार, जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी अधिकारी को एक लाख रुपए सौंपे, CBI अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ पकड़ लिया. रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई और मौके पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की गई.
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई. इसके साथ ही उसके गेस्ट हाउस के कमरे और अन्य ठिकानों की तलाशी भी ली गई. तलाशी के दौरान 62 हजार रुपए नकद बरामद हुए, जिनका संतोषजनक हिसाब प्रस्तुत नहीं किया जा सका. इसके अलावा रियल एस्टेट में निवेश से संबंधित कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले हैं, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया है. CBI अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी अधिकारी पहले भी ठेकेदारों या अन्य लोगों से इसी प्रकार अवैध वसूली करता रहा है. एजेंसी आरोपी की संपत्तियों, बैंक खातों और निवेश संबंधी दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है.
CBI ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है. आरोपी डिप्टी चीफ इंजीनियर को गिरफ्तार कर शुक्रवार 5 जून 2026 को जबलपुर की सक्षम अदालत में पेश किया गया. मामले की विस्तृत जांच जारी है. इस कार्रवाई के बाद रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया है. विभागीय स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित रिकॉर्ड और भुगतान प्रक्रियाओं की जानकारी जुटाई जा रही है.



