
डिजिटल प्रक्रिया से बैनामों में खेल अब बंद हो जाएगा। आयकर की ओर से ताबड़तोड़ कार्रवाई और शासन को दी गई जानकारी के बाद रजिस्ट्री प्रक्रिया में बदलाव हो रहा है। मुख्य सचिव स्तर पर हुई बैठक के बाद स्वत: रजिस्ट्रेशन का रास्ता आसान होगा। रजिस्ट्री होते ही संबंधित विभाग के पास विलेख की कॉपी पहुंच जाएगी। इससे नामांतरण आसान होगा। सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग के आला अधिकारी एक दिन पहले मुख्य सचिव से मिले थे। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण बदलाव का ब्लू प्रिंट तैयार हुआ है।
आयकर विभाग ने राज्य सरकार से सूचना साझा की तो खलबली मच गई। इसी क्रम में इस माह से प्रत्येक रजिस्ट्री में पैन और आधार का विवरण अनिवार्य कर दिया गया। अब रजिस्ट्री के तुरंत बाद विलेख की कॉपी ऑनलाइन सीधे संबंधित विभाग के पोर्टल पर पहुंच जाए, ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है। साथ ही स्वामित्व सत्यापन के बाद ही रजिस्ट्री होगी, जिससे विवादित सौदों पर लगाम लगेगी। बतादें वकीलों से पूरे मामले में मदद मांगने के साथ रजिस्ट्री अभिलेख में आधार कार्ड के सिर्फ आखिरी के चार नम्बर अंकित करने की बात कही है ताकि फ्राड करने वाले किसी को आधार नम्बर न मिल सके।
इसके अलावा नक्शा परियोजना के तहत हर भूखंड को एक यूनिक प्रॉपर्टी आईडी से जोड़ने की भी व्यवस्था की जा रही है। साल के शुरुआत में आयकर ने यूपी के 10 से ज्यादा जिलों में बिना पैन कार्ड का ब्योरा भरे बेशकीमती जमीनों का बैनामा किए जाने के मामले पकड़े थे। बिना पैन कार्ड का ब्योरा भरे 30 लाख से अधिक मूल्य वाली करोड़ों की सम्पत्ति का बैनामा किए जाने के तथ्य कार्रवाई में सामने आए थे। 55 हजार करोड़ से अधिक की प्रॉपर्टियों का बैनामा बिना सही ब्योरा भरे हुआ। सबसे अधिक अनियमितताएं आगरा, कानपुर मंडल में पाई गईं।
आयकर, सीबीआई की अटैच प्रॉपर्टी भी बेच डाली
आयकर की जांच में यह भी सामने आया कि कानपुर और आगरा मंडल के जिलों में भारी अनियमितता मिली। निबंधन कर्मियों ने उन प्रॉपर्टियों का भी बैनामा कर डाला जिनको आयकर, ईडी या सीबीआई ने अटैच किया हुआ था। बैनामा करने में पैन की जगह फार्म-16 का सहारा लिया गया। हैरत की बात यह है कि ज्यादातर मामलों में फार्म 16 का ब्योरा ही पूरा नहीं मिल पाया।
गवाहों के बयान के बाद होगा रजिस्ट्री का पंजीकरण
मोहनलालगंज। धोखाधड़ी व जालसाजी से बचने के लिए मोहनलालगंज रजिस्ट्री दफ्तर में जमीन बेचने व खरीदने वालों के साथ ही गवाहों के बयान होने के बाद दस्तावेजों में उनके हस्ताक्षर होने पर ही रजिस्ट्री का पंजीकरण किया जाएगा। साथ ही रजिस्ट्री पंजीकरण में लगने वाले समय से बचने के लिए वकीलों से आनॅलाइन पंजीकरण कराते समय आधार सत्यापन कराने की नोटिस लगाई गई है।
जमीन बेचने वाले बयान ही नहीं करवा रहे
कुछ दिन पहले सब रजिस्ट्रार विभा द्विवेदी तिवारी ने मोहनलालगंज का चार्ज लिया तो पाया कि लोग पंजीकरण के लिए रजिस्ट्री बिना हस्ताक्षर कराये लेकर आ रहे है। जमीन बेचने वाली डेवलपर्स कंपनी की तरफ से जमीन बेचने वाले बयान ही नहीं करवा रहे है। इसके बाद सब रजिस्ट्रार ने बिना क्रेता, विक्रेता व गवाहों के रजिस्ट्री में हस्ताक्षर होने व सभी के बयान दर्ज होने के बाद ही पंजीकरण करने के निर्देश दिए है।
इसके साथ ही रजिस्ट्री दफ्तर में सबसे ज्यादा समय आधार सत्यापन में लग रहा है ऐसे में सब रजिस्ट्रार ने ऑनलाइन कराते समय आधार सत्यापन कराने के निर्देश जारी किए है। वकीलों से पूरे मामले में मदद मांगने के साथ रजिस्ट्री अभिलेख में आधार कार्ड के सिर्फ आखिरी के चार नम्बर अंकित करने की बात कही है ताकि फ्राड करने वाले किसी को आधार नम्बर न मिल सके।



