पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलने के बाद रेल परियोजनाओं में तेजी आ गई है. कोलकाता दौरे के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सिलीगुड़ी से बुलेट ट्रेन शुरू करने और 60 नेक्सट जेन मेट्रो शुरू करने के साथसाथ कई रेलवे परियोजनाओं की घोषणा की. रेल मंत्री ने बंगाल के लिए दिए गए बड़े अमाउंट के बारे में भी बताया जो लगभग दरवाजे पर दस्तक दे रहा है. उन्होंने इस बात का भी डिटेल में ब्यौरा दिया कि कितना खर्च हो रहा है और किन प्रोजेक्ट्स पर काम हो रहा है.

उन्होंने कहा, “UPA सरकार के समय बंगाल के लिए 4000 करोड़ दिए गए थे और पीएम नरेंद्र मोदी ने 14205 करोड़ दिए हैं. अब NOC देने का काम, जमीन अधिग्रहण की समस्या का हल निकलना शुरू हो गया है. भविष्य में सब मिलकर और तेजी से काम करेंगे.”
बंगाल के लिए रेलवे की रूपरेखा के बारे में बात करते हुए ने कहा, “102 नए अमृत भारत स्टेशन होंगे, जिनमें से 10 स्टेशनों पर काम पूरा हो चुका है. वंदे भारत स्लीपर सबसे पहले बंगाल में शुरू की गई थी. बंगाल में 9 वंदे भारत एक्सप्रेस चल रही हैं. 13 अमृत भारत चल रही हैं.”
सिलीगुड़ी से शुरू होगी बुलेट ट्रेन
रेल मंत्री ने कहा कि बंगाल को अब बुलेट ट्रेन भी मिल रही है. प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में बुलेट ट्रेन शुरू करने का प्लान बनाया है. यह बुलेट ट्रेन दिल्ली से वाराणसीपटना होते हुए सिलीगुड़ी तक चलेगी. अब आप आराम से बैठकर 6 घंटे में दिल्ली से सिलीगुड़ी पहुंच सकते हैं. कोलकाता मेट्रो के लिए 60 नई नेक्स्ट जेनरेशन ट्रेनें लाई जाएंगी. साथ ही, पूरब से पश्चिम तक फ्रेट कॉरिडोर शुरू किया जा रहा है. यह डानकुनी से चलकर सूरत तक जाएगा.”
साथ ही, उन्होंने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल में रेलवे का 100 परसेंट इलेक्ट्रिफिकेशन पूरा हो चुका है. डबल इंजन सरकार के कंधों पर रेलवे और तेज स्पीड से चलेगी.
सरकार बदलने के एक महीने के अंदर ही नबन्ना में रेल मंत्रीमुख्यमंत्री की मीटिंग हुई. बंगाल को बुलेट ट्रेन मिल रही है. इस हाईप्रोफाइल मीटिंग में MLA भी मौजूद थे. जमीन ट्रांसफर, एडमिनिस्ट्रेटिव क्लीयरेंस पर चर्चा हुई. 62 रुके हुए प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी मिली.
तृणमूल सरकार की भूमिका पर उठाए सवाल
बंगाल में सरकार बदलने के एक महीने के अंदर ही रेलवे के काम में तेजी आ गई है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पिछली सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार सहयोग नहीं कर रही थी. इस वजह से कई रेलवे प्रोजेक्ट रुके हुए थे.
मुख्यमंत्री की बातों का समर्थन करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी पिछली तृणमूल सरकार की भूमिका पर कई सवाल उठाए. उन्होंने साफ कहा, “पिछली सरकार ने रेलवे के विकास को रोक दिया था. कोलकाता के लोगों को मेट्रो रेल का फायदा न मिले, इसके लिए तृणमूल सरकार सुप्रीम कोर्ट गई थी. मैं देखूंगा कि आज बंगाल में जो बदलाव आए हैं, वे प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करें.”



